हाईकोर्ट ने कालका जी मंदिर में दो बहनों पर पूजा करने से रोकने के संबंध में दायर याचिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाएं मंदिर में पूजा व सेवा क्यों नहीं कर सकतीं।
समय बदल गया है, अब महिलाओं को भारतीय मंदिरों में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है। न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए निर्णय का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को पूजा स्थल में प्रवेश करने से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। अदालत ने याची पुजारी के वकील से पूछा हमें ऐसा क्यों करना चाहिए।