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Delhi NCR News: सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान क्यों बांटे गए हेलमेट, चेहरे के मास्क और सुरक्षा चश्मे

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सीजेपी प्रदर्शन- खबर-2
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- सीजेपी प्रदर्शन की जांच में एआई के इस्तेमाल की भी हो रही पड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि सीजेपी के प्रदर्शन के प्रदर्शनकारियों को हेलमेट, चेहरे के मास्क और सुरक्षा चश्मे बांटे गए। आखिर प्रदर्शनकारियों को ये सामान क्यों बांटे गए। इससे प्रदर्शनकारियों की मंशा का पता लगता है। साथ ही काकराेच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित चलो संसद प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हुई झड़पों की जांच में सामने आया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की भीड़ नियंत्रण कार्रवाई का सामना करने के तरीके जानने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित उपकरणों का इस्तेमाल किया हो। एआई से ही जानकारी लेकर ये सामान जंतर-मंतर पर बांटा गया।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस के प्रभाव को कम करने और सुरक्षा बलों के साथ संभावित टकराव की स्थिति से निपटने के तरीकों की जानकारी हासिल करने के लिए एआई मंचों पर खोज की। अधिकारी ने बताया कि जांच कई स्तरों पर की जा रही है। हमें आशंका है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस के असर को तुरंत कम करने के तरीकों, जिसमें गीली जूट की बोरियों के इस्तेमाल जैसी जानकारी शामिल है, के लिए एआई उपकरणों या अन्य जनरेटिव एआई मंचों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा उन्होंने खुद को तैयार करने के लिए हेलमेट, मास्क और चश्मों की व्यवस्था की।
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एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में है और इसमें समय लग रहा है। पुलिस प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच हेलमेट, चेहरे के मास्क और सुरक्षा चश्मे बांटे जाने के आरोपों की भी जांच कर रही है।
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कई पहलुओं से की जा रही हैं जांच
पुलिस ने दावा किया कि हिंसा के दौरान पथराव की कई घटनाएं हुईं, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कर्मियों को कई बार लाठीचार्ज व आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, झड़पों में 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 65 से अधिक प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए। हिंसा में पुलिस वाहनों समेत 15 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए। पुलिस ने कहा कि जांच दल वीडियो फुटेज, सामाजिक मीडिया सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य जुटाई गई सामग्री का विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि घटनाक्रम को समझा जा सके और कथित तौर पर हिंसा की योजना बनाने या उसमें शामिल लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।
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