पावर कारपोरेशन ने बिजली प्रयोग की निगरानी और चोरी पर रोक लगाने के लिए अत्याधुनिक विद्युत मीटरों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।
यह हाईटेक विद्युत मीटर पोल पर लगाए जाएंगे। वायरलेस सिस्टम वाले ये मीटर विद्युत लाइन से ही कंज्यूमर कोड के आधार पर बिजली प्रयोग की निगरानी करेगा।
यह होगा सिस्टम
महाराष्ट्र और तमिलनाडु में ऐसे विद्युत मीटर प्रयोग किए जा रहे हैं। एक वायरलेस मीटर 10 उपभोक्ताओं के बिजली प्रयोग की निगरानी रखेगा। उपभोक्ताओं को कोड नंबर देकर मीटर में फीड कर दिया जाएगा।
विद्युत लाइन की सीधी सप्लाई मीटर से कनेक्ट होगी। ऐसे में कितनी सप्लाई मिली और इसमें से किस कोड नंबर पर कितनी प्रयोग की गई, इसका रिकार्ड मीटर रखेगा।
यह होगा फायदा
मीटर रीडिंग लेने के लिए उपभोक्ताओं के घरों में नहीं जाना होगा। वायरलेस विद्युत मीटरों से आटो सिस्टम से रीडिंग सर्वर रूम को भेज दी जाएंगी।
यदि रीडिंग लेने के लिए कर्मचारी आता भी है तो पोल के नीचे खड़े होने पर ही मीटर की रीडिंग रिकार्ड कर ली जाएंगी। ऐसे में मीटर के पीछे से कट लगाकर बिजली चोरी करने और मीटर रीडिंग लेने के नाम पर घरों में घुसकर वारदात की घटनाओं पर रोक लग सकेगी।