दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार गठन के साथ ही दिल्ली सचिवालय धीरे-धीरे जंतर-मंतर में तब्दील होने लगा है।
सचिवालय के बाहर अतिथि शिक्षक, किसान, नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आम आदमी यहां हैं, केजरीवाल कहां हैं, मौसमी बेरोजगारी खत्म करें, के नारे भी लगाए।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल निकलकर दो संगठन के प्रदर्शनकारियों से मिलने भी आए। केजरीवाल से उचित आश्वासन नहीं मिलने के कारण प्रदर्शनकारी देर रात तक डटे रहे। इस बीच मुख्यमंत्री ने भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने भी मुलाकात की। पूर्व सरकार के कार्यकाल में दिल्ली सचिवालय के बाहर धारा 144 लगी रहती थी।
सचिवालय के बाहर रात को भी डटे रहे अतिथि शिक्षक
आल गेस्ट टीचर एसोसिएशन के बैनर तले दिल्ली सरकार के स्कूलों में अनुबंध पर काम करने वाले सैकड़ों अतिथि शिक्षक विरोध प्रदर्शन करने पहुचें।
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प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि 22 दिसंबर को सबसे पहले अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात करके बधाई दी और मांगें रखीं। फिर शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि शिक्षकों को नियमित किया जाएगा। लेकिन शिक्षा मंत्री अब वादे से मुकर रहे हैं।
एग्रीमेंट के विरोध में हड़ताल करेंगे एनएचआरएम कर्मी
दिल्ली सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल एनएचआरएम कर्मियों ने कहा है कि बृहस्पतिवार से दिल्ली सरकार के अस्पताल और डिस्पेंसरी में नहीं जाएंगे, बल्कि हड़ताल करेंगे। उनका कहना है कि हमें न सिर्फ स्थायी किया जाए क्योंकि 15 साल से नौकरी कर रहे हैं। बल्कि जो नया एग्रीमेंट साइन करने के लिए एक जनवरी को दिया गया है, उसे वापस लिया जाए।