दक्षिण जिले के वसंत विहार थाने में पुलिस कार्यप्रणाली जानने के लिए शनिवार दोपहर छठी कक्षा में पढ़ने वाली तीन बच्चियां पहुंच गई।
बच्चियों ने महिलाओं की सुरक्षा के अलावा दर्जन सवाल पूछे। बच्चियों के जहन में ये सवाल था कि जब पुलिस अच्छा काम करती है लोग पुलिस की बुराई क्यों करते हैं ? ये भी जाना कि 100 नंबर की कॉल कैसे पुलिस थाने पहुंचती है?
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार बेरसराय की सलोनी गिल, मुनिरका की रहने वाली यासिका टोकस और तनिष्ठा टोकस दोपहर में वसंत विहार थाने पहुंची गईं।
पुलिसकर्मियों ने बच्चियों को थाने में घुमाया
उस समय थाने में वैकल्पिक शिकायत निवारण वर्कशाप चल रही थी। बच्चियां वसंत विहार थानाध्यक्ष सोमनाथ पारूथी के कमरे में गई थीं।
इन बच्चियों ने थानाध्यक्ष से पुलिस महिलाओं की सुरक्षा कैसे करती है, पुलिस खुद किस माहौल में काम करती है, पुलिसकर्मी कितने घंटे ड्यूटी करते हैं, अगर कोई लड़की बिना नाम के शिकायत करना चाहिए तो क्या पुलिस कार्रवाई करती है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस और क्या-क्या कदम उठा रही है और 100 नंबर की कॉल पुलिस थाने में कैसे पहुंचती है। पुलिसकर्मियों ने बच्चियों को पूरा थाना घुमाया, लॉकअप, महिला डेस्क और महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया।
बच्चियां करीब एक घंटे थाने में रही। वसंत विहार थानाध्यक्ष सोमनाथ पारूथी का कहना है कि ये बच्चियां एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती हैं। पिछले कई दिनों से इनके मन में ये सवाल घूम रहा था।