36 लाख विद्यार्थी देंगे परीक्षाएं
बोर्ड परीक्षाओं में इस बार दसवीं और बारहवीं के 36 लाख से अधिक बच्चे परीक्षा देंगे। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी है। परीक्षाओं को लेकर स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं चल रही हैं। 15 फरवरी से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी।
ऑनलाइन मंगाए भोजन से पेट हो जाता है खराब
डॉ. शेखावत के मुताबिक, चिंता के कारण हमारा पाचन तंत्र कमजोर होता है। ऐसे में ऑनलाइन मंगाए गए अस्वस्थ भोजन से पेट खराब हो जाता है और पढ़ने में मन नहीं लगता जिससे तनाव बढ़ता है और बच्चा इससे बचने के लिए और खाता है। इससे मोटापा तो बढ़ाता है, साथ ही संवेदनशील आंत की बीमारी भी हो जाती है।
दिमाग को पड़ती है एनर्जी की जरूरत
सफदरजंग अस्पताल के पूर्व मनोरोग विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर पंकज वर्मा ने कहा कि परीक्षाओं के समय में दिमाग पहले से काम कर रहा होता है उस समय एनर्जी की जरूरत है। ऐसे में दिमाग कुछ मीठा या स्वादिष्ट खाने के लिए कहता है। इसे खाने से दिमाग तक तुरंत एनर्जी मिलती है। धीरे-धीरे खाने की आदत बन जाती है। इसे स्ट्रेस ईटिंग डिसऑर्डर कहते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान अस्वस्थ भोजन खाने से मोटापा बढ़ने लगता है जिससे अन्य बीमारियां भी शरीर को घेर लेती हैं। इससे बचने के लिए कुछ समय के अंतराल पर स्वस्थ भोजन लेना चाहिए। वहीं भूख का अहसास होने पर पानी पीना चाहिए। कई बार शरीर को पानी की जरूरत होती है, लेकिन दिमाग भूख का अहसास कराता है।
अवसाद से यह होती हैं समस्याएं
- सांस फूलना, ज्यादा पसीना आना
- खर्राटे, थकान महसूस करना
- पीठ और जोड़ों में दर्द
- आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में कमी का अनुभव
- अकेला महसूस करना
- जरूरत से ज्यादा या कम सोना
बचाव के लिए यह कर सकते हैं
- खाने का अंतर रखें।
- छोटे-छोटे अंतराल पर खाना लेना।
- स्वस्थ भोजन लेना।
- भूख का अहसास हो तो पानी पी सकते हैं।
- दिन में ज्यादा पानी पीयें।