नेहा पुरी की उम्र है 23 साल। पढ़ने-लिखने की उम्र में ही आए एक आइडिया ने उनकी जिंदगी बदल दी। वह स्टार्टअप की एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभर रही हैं।
इंग्लैंड में एमबीए-मार्केटिंग की पढ़ाई करते हुए उन्हें घर का बना खाना नहीं मिलता था। अपने जैसे युवाओं की इस जरूरत को उन्होंने बखूबी समझा और गुड़गांव आकर इसे कारोबार के अवसर में बदल दिया।
गुड़गांव के कॉरपोरेट, आईटी और बीपीओ सेक्टरों में हजारों लोग काम करते हैं। इनमें से काफी लोग ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक के लिए रेस्टोरेंट और होटलों पर निर्भर हैं।
बहुत से लोग पिज्जा-बर्गर से ऊब चुके हैं। उनको स्वास्थ्य की चिंता है, लेकिन घर का खाना नहीं मिल पाता। युवाओं की इस जरूरत को डीएलएफ-फेस-2 निवासी युवती नेहा पुरी ने साइबर शेफ के नाम से ई-कॉमर्स शुरू किया।
पांच माह पूर्व स्टार्टअप खड़ा किया। जो आज हजारों लोगों को उनके घरों और कार्यालयों में ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जायकेदार मगर हाईजेनिक घर का खाना पहुंचा रहा है।
उन्होंने दिसंबर, 2014 में साइबर शेफ कांसेप्ट पर काम शुरू किया। पोर्टल की सेवा लोगों को मई, 2015 में मिलनी शुरू हुई। इस समय 20 से 25 हजार लोग उनके माध्यम से घर का बना खाना खा रहे हैं। यह खाना किसी होटल में नहीं बल्कि सैकड़ों घरों से बनकर आता है। इसलिए इसे घर का खाना कहा गया।