भाजपा के बड़े ही नहीं बल्कि छोटे नेता भी आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार को घेरने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे।
भाजपा पार्षद व उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रविंद्र गुप्ता ने उनको बिल्डर से रिश्वत मांगने के आरोप में बर्खास्त किए गए खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आसिम अहमद खान के मामले में घेरने की शुरुआत की।
मेयर ने आसिम के मामले की सतर्कता विभाग को जांच कराने का ऐलान किया है। मेयर रविंद्र गुप्ता ने कहा कि बिल्डिंग बनाने का मामला सीधे तौर पर नगर निगम से जुड़ा हुआ है और बर्खास्त मंत्री पर अवैध निर्माण रोकने और उसे दोबारा शुरू कराने के रिश्वत मांगने का आरोप है।
सतर्कता विभाग को सौंपी जांच
इस मामले की सतर्कता विभाग से जांच बहुत जरूरी है, क्योंकि यह मालूम होना बहुत जरूरी है कि आखिर बर्खास्त मंत्री ने नगर निगम के किस अधिकारी को आदेश देकर निर्माण कार्य रुकवाया था और रिश्वत मांगने के मामले नगर निगम के अधिकारी तो कहीं शामिल नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि सतर्कता विभाग को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। दूसरी ओर नगर निगम ने विशेषकर सिटी जोन में शुक्रवार की शाम से अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई आरंभ कर दी है।
हालांकि उसने किसी बिल्डिंग पर हथौड़ा नहीं चलाया है। उसने अवैध तौर पर बनाई जाने वाली इमारतों पर भविष्य में कार्रवाई करने के लिए उनकी बुकिंग शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार नगर निगम ने करीब दो दर्जन बिल्डिंग बुक कर दी हैं।
सिटी जोन के उपायुक्त को दिल्ली सरकार ने वापस बुलाया
दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर गए अपने अधिकारी ए नेडूचेरियन को वापस बुला लिया है। दिल्ली सरकार ने सिटी जोन के उपायुक्त के कार्य देख रहे नेडूचेरियन को वापसी का फरमान आसिम अहमद की बर्खास्तगी के कुछ देर बाद जारी किया।
वह करीब तीन वर्ष से उत्तरी दिल्ली नगर निगम में उपायुक्त के पद कार्यरत रहे। वह सिटी जोन के अलावा कई जोन में उपायुक्त रहे।
वर्तमान में वह सिटी जोन के उपायुक्त के साथ-साथ विज्ञापन व पार्किंग विभाग के उपायुक्त का भी कार्य देख रहे थे। उधर, सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार अपने अन्य अधिकारियों को भी नगर निगम से बुलाने का फरमान देगी।