हर्षवर्धन जैन खुद को वेस्ट आर्कटिका का राजदूत बताने लगा
इसके बाद उनके देश की अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवकों की टीम ने हर्षवर्धन जैन को वेस्ट आर्कटिका के पर्यावरण और धर्मार्थ मिशन को आगे बढ़ाने के लिए भारत में मानद वाणिज्य दूत का पद आधिकारिक तौर पर दिया था। इस पद का लाभ उठाकर हर्षवर्धन जैन खुद को वेस्ट आर्कटिका का राजदूत बताने लगा। साथ ही फर्जी दूतावास खोलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।
हर्षवर्धन ने देश के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया
विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि हर्षवर्धन को कभी राजदूत का पद या अधिकार नहीं दिया गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से फर्जी मोहरें, पासपोर्ट और राजदूत की नंबर प्लेट आदि बरामद हुई हैं। मानद वाणिज्य दूत होने के नाते उन्हें देश की ऐसी वस्तुएं रखने का कोई अधिकार नहीं है। वेस्ट आर्कटिका स्वयं नंबर प्लेट या पासपोर्ट का उपयोग नहीं करता। ऐसे में हर्षवर्धन ने देश के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है।
हर्षवर्धन जैन की सदस्यता अनिश्चित काल के लिए निरस्त कर दी गई
विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधिक गतिविधियों के चलते संगठन के प्रतिनिधि के सदस्य के रूप में हर्षवर्धन जैन की सदस्यता अनिश्चित काल के लिए निरस्त कर दी गई है। साथ ही उनके संगठन ने हर्षवर्धन की जांच शुरू कर दी है। प्रवक्ता ने हर्षवर्धन के खिलाफ भारत में हो रही जांच में वेस्ट आर्कटिका की ओर से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
ऐसे काम करता है मानद वाणिज्य दूत
मानद वाणिज्य दूत ऐसा व्यक्ति होता है जिसे कोई देश किसी दूसरे देश में अपने वाणिज्य दूतावास के रूप में नियुक्त करता है। उसे वेतन नहीं दिया जाता और सूक्ष्म कार्यकाल होता है। इसका मुख्य काम दोनों देशों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देना होता है। दावा है कि हर्षवर्धन जैन को वेस्ट आर्कटिका ने उनके देश के पर्यावरण और धर्मार्थ मिशन को आगे बढ़ाने का काम सौंपा था, लेकिन वह राजदूत बताकर लोगों को झांसे में लेने लगा।