यहां के गांवों में अब न तो शादी विवाह में डीजे बजेगा और न ही शराब परोसी जायेगी। 84 पाल की पंचायत कर पंचों ने यह फैसला किया है। युवाओं ने भी इस पर अपनी सहमति जताई है।
इसे फिजूलखर्ची रोकने के लिए एक सार्थक कदम उठाने के रूप में देखा जा रहा है। ज्ञात हो कि पिछले दिनों गुडगांव के गांव तिगरा में हुई गुर्जरों की पंचायत में उक्त निर्णय लिया जा चुका है।
इसके बाद फरीदाबाद के गांव तिगांव में भी 84 पाल की महापंचायत की गई जिसमें शादियों में होने बजने वाले डीजे और परोसे जाने वाली शराब पर पांबदी लगाई जाने की बात पंचों के बीच में रखी गई।
जिसपर सैंकड़ों पंचों ने समर्थन कर अपनी सहमति जताई। यानि समाज के लिये कुरीति बनते जा रहे शादियों से जुड़े उक्त मुद्दों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।
चौरासी पाल के सबसे बड़े गांव तिगांव में गुर्जर समाज की महापंचायत का आयोजन ऐतिहासिक जेलदार चौपाल पर किया गया। पंचायत की अध्यक्षता उप सरपंच नत्थीराम ने की।
पंचायत में सभी ने एक स्वर में निर्णय लेते हुए कहा कि गुर्जर समाज में विवाह शादियों में डीजे, शराब, आतिशबाजी सहित फिजूल खर्ची पर पूरी तरह से रोक लगायी जाए।
यह सभी के लिए लाभदायक होगा। पंचायत में मानसिंह सरपंच भैसावली, प्रेमचंद पहलवान, रधुवीर जेलदार, रतिचंद नागर, राजेन्द्र नागर, रविन्द्र नागर, जगत आर्य, कैप्टन भीका, कालू पहलवान लहडौला, वीपी नागर, हरीचंद नागर, धर्मराज नागर आदि उपस्थित रहे।