ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जल शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है। इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इसका प्रस्ताव आगामी बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। इसकी तैयारी हो चुकी है।
अगर अनुमति मिल गई तो 60 वर्ग मीटर भूखंड वाले आवंटियों को 108 रुपये प्रतिमाह जल शुल्क देना होगा। दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बीते वर्ष की बोर्ड बैठक में निर्णय लिया था कि हर साल जल शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
यह बढ़ोतरी हर साल पहली अप्रैल से लागू हो जाती है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण इसे लागू नहीं किया गया है। अब प्राधिकरण की बोर्ड बैठक होने वाली है। इसमें बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
बोर्ड से मुहर लगने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। वहीं, जल शुल्क के लिए मकान के क्षेत्रफल को आधार बनाया गया है। इसके तहत आवंटियों से जल शुल्क लिया जाएगा।
60 वर्ग मीटर से लेकर 1100 वर्ग मीटर तक के मकानों के लिए शुल्क तय है, जबकि इसके ऊपर क्षेत्रफल के मकानों से जल शुल्क किलोलीटर की दर से लिया जाता है।
1100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से बड़े मकानों से 19 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से जल शुल्क लिए जाने का प्रस्ताव है।
टल सकती है बोर्ड बैठक
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक एक अगस्त को प्रस्तावित है। इसके लिए एजेंडे तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन इस दिन शनिवार है। प्राधिकरण दफ्तर बंद रहता है। इसी दिन बकरीद भी है। ऐसे में बोर्ड बैठक टलने के आसार हैं।
आवासीय भवनों के लिए प्रस्तावित पानी की दरें
| क्षेत्र (वर्ग मीटर में) |
रुपये (प्रतिमाह) |
| 0 से 60 |
118 |
| 61से 120 |
195 |
| 121 से 200 |
352 |
| 201 से 350 |
584 |
| 351 से 500 |
779 |
| 501 से 1000 |
1170 |
| 1000 से 1100 |
1365 |