हरियाणा से यमुना नदी में पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण वजीराबाद बैराज में जलस्तर कम होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बैराज में रविवार को जलस्तर गिरकर 668 फीट रह गया है, जबकि बैराज में सामान्य तौर पर जलस्तर 674.50 फीट रहता है। इस तरह बैराज में जलस्तर साढ़े छह फीट कम हो गया है, वहीं दिल्ली जल बोर्ड ने बैराज से जुड़े जल शोधक संयंत्रों में पानी की कमी दूर करने के लिए कैरियर लाइन्ड कैनाल (सीएलसी) और दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) के पानी को वजीराबाद की ओर मोड़ दिया।
इस तरह पूरी दिल्ली में पेयजल की किल्लत हो गई है, क्योंकि समस्त संयंत्र पूरी क्षमता से चलने बंद हो गए है।हरियाणा से गत 12 मई को पर्याप्त पानी आना बंद हुआ था। इसके बाद से दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र में कच्चा पानी उपलब्ध कराने वाले वजीराबाद बैराज में जलस्तर कम हो रहा है। बैराज में 10 दिनों के दौराज साढ़े छह फीट जलस्तर कम हो गया है और आगामी दिनों के दौरान भी जलस्तर कम होने की आशंका है। इस कारण जल बोर्ड वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला संयंत्र पूरी क्षमता से नहीं चल रहे है और इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा रहा है।
उधर दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए कैरियर लाइन्ड कैनाल (सीएलसी) और दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) का पानी वजीराबाद की ओर मोड़ दिया। इस कारण इनसे जुड़े हैदरपुर और बवाना जल शोधक संयंत्र पूरी क्षमता से चलने बंद हो गए है और इन संयंत्रों के इलाके में पानी कमी होनी शुरू हो गई है। लिहाजा रविवार को रोहिणी, पीतमपुरा के अलावा मंगोलपुर कलां, रिठाला, पूठ कलां, बेगमपुर, कराला, मजरी, कंझावला, घेवरा, रानीखेड़ा, मदनपुर, मुबारिकपुर, किराड़ी निठारी, बवाना, दरियापुर कलां, माजरा डबास, बाजीतपुर, औचंदी, कुतुबगढ़, कटेवड़ा, पंजाब खोड़, जौंती आदि गांव एवं इनके आसपास बड़ी संख्या में बसी अनधिकृत कालोनियों में भी पेयजल आपूर्ति कम दबाव के साथ पहुंची। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति का समय भी कम रहा।