यमुना की सफाई के मामले में एनजीटी ने दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड को आइना दिखाया है। यह बात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहीं। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई नहीं होने के लिए मुख्यमंत्री के अधीन जल बोर्ड जिम्मेदार है। जल बोर्ड में भ्रष्टाचार, अनियमितताएं आदि इसके लिए जिम्मेदार है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री को दिल्ली जल बोर्ड संबंधित निर्णय लेने से किसी ने भी नहीं रोका। उनके पास बोर्ड की समस्त शक्तियां उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद भी यमुना की सफाई को लेकर कोई काम नहीं हुआ। एनजीटी की टिप्पणी के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह बेनकाब हो गई है।
उसने नई योजनाएं प्रारंभ नहीं की वहीं, वर्तमान योजनाओं को ठप्प कर दिया। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल बोर्ड की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करें। इसके बाद ही अकार्यकुशलता, बोर्ड में भारी भ्रष्टाचार और जल आपूर्ति में वृद्धि की सभी योजनाएं ठप्प होने की सच्चाई जनता के सामने आ सकेंगी।