फुटवियर कारोबारी योगेश जैन ने बताया कि वह घटनास्थल के पास ही रहते हैं। धमाका होने के समय वह पार्क में टहलने जा रहे थे। इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि करीब एक से दो किलोमीटर तक इसकी आवाज सुनी गई। उन्हें लगा कि किसी मकान में सिलिंडर विस्फोट हुआ है या फिर मकान गिर गया है। लेकिन घटनास्थल के पास सफेद रंग के धुआं देखकर उन्हें कुछ शक हुआ।
योगेश जैन ने बताया कि धमाके का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है और वह काफी दहशत में हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही वह घटनास्थल की ओर जाने लगे, इतने में पुलिस टीम वहां पहुंच गई और इलाके की घेराबंदी कर दी। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से सौ मीटर दूर पुलिस चौकी है। कुछ दूरी पर दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच का कार्यालय भी है। वहीं करीब आधा किलोमीटर पर प्रशांत विहार थाना है।
पंखे के उपकरण बनाने वाले कारोबारी दीपक ने बताया कि धमाके के समय वह अपनी गली में मौजूद थे। धमाका इतना तेज था कि कुछ देर के लिए उनके कान सुन्न हो गए। उन्हें लगा कि मार्केट में मौजूद लव पूरी वाले की दुकान में सिलिंडर विस्फोट हुआ है। वह भागकर वहां पहुंचे। दुकान पर उनके कर्मचारी और कुछ ग्राहक थे।
सामने धुएं का गुब्बार था और धुएं में सीवर का दुर्गंध था। उन्होंने देखा कि विस्फोट में तीन चार गाड़ियों और कार्यालय के शीशे टूट गए हैं और दुकान के बोर्ड भी टूटकर नीचे गिर गए हैं। दीपक ने बताया कि प्रशांत विहार काफी शांत इलाके माना जाता है। इस इलाके में धमाका करने का उद्देश्य त्योहार के समय लोगों में दहशत फैलाना हो सकता है।
दो-ढाई सौ मीटर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था
भारत अरोड़ा ने बताया कि धमाका के दौरान वह घर में थे। वह तुरंत भागकर सड़क पर पहुंचे। सड़क पर दो ढाई सौ मीटर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। थोड़ी देर बाद धुआं छटा तब पता चला कि स्कूल की दीवार के पास धमाका हुआ है।
उन्होंने बताया कि रविवार होने की वजह से यहां कोई नुकसान नहीं हुआ है। यहां पर लेंसर स्कूल और सीआरपीएफ स्कूल है। अन्य दिनों में घटना के समय यहां स्कूल आने वाले काफी संख्या में बच्चे और वैन वाले मौजूद होते हैं। ऐसे में धमाका होने पर यहां का नजारा काफी भयावह होता।