जेएनयू विवाद मामले में गिरफ्तार उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य की आवाज के सैंपल लेने की अनुमति देने से अदालत ने इंकार कर दिया।
वहीं, पुलिस ने कन्हैया के रिमांड की अर्जी को बेहद गोपनीय रखा और इस पर कहां सुनवाई हुई, इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई।
सूत्रों के मुताबिक पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने दिल्ली पुलिस की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उमर खालिद व अनिर्बन की आवाज के नमूने लेने की अनुमति मांगी गई थी।
पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड पुलिस को दिया था
पुलिस ने दोनों आरोपी छात्रों को 23 फरवरी की रात सरेंडर करने के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस के आग्रह पर महानगर दंडाधिकारी ने साउथ कैंपस थाने में सुनवाई के बाद पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड पुलिस को दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर सुनवाई के स्थान को पूरी तरह गोपनीय रखा गया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने उमर खालिद व अनिर्बन से पूछताछ के लिए सात दिन का रिमांड मांगा था।
इन छात्रों पर 9 फरवरी को जेएनयू में विवादित कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप है। पुलिस का आरोप है कि कार्यक्रम में पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत विरोधी नारे लगाए गए थे।
आरोपियों को खरोंच तक न आए यह पुलिस की जिम्मेदारी होगी
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पेशी के लिए पुलिस ने बुधवार को ही कोर्ट के समक्ष अर्जी दायर की थी ताकि वह इन तीनों छात्र आरोपियों से पूछताछ कर सके।
हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों की पेशी व रिमांड पर सुनवाई के सुरक्षित स्थान पर करने और इसे गोपनीय रखने का निर्देश दिया था ताकि इनको कोई खतरा न हो।
कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा था कि इन आरोपियों को खरोंच तक न आए यह पुलिस की जिम्मेदारी होगी। यह निर्देश कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में 15 व 17 फरवरी को हुई हिंसा के बाद दिया था।