फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: आप के शिक्षा मॉडल पर छिड़ी जंग, स्कूलों का मुआयना कर दी बहस की चुनौती

Mon, 01 Jul 2019 12:50 AM IST
Abhishek Singh डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
आप-भाजपा - फोटो : Social Media
विज्ञापन

दिल्ली सरकार अपने ‘शिक्षा मॉडल’ को सबसे बेहतर बताती रही है। वह इसी के सहारे दोबारा जनता का समर्थन पाने की रणनीति पर भी काम कर रही है। यही कारण है कि उसका शिक्षा मॉडल अब विपक्ष के निशाने पर है।

विज्ञापन


भाजपा नेता जेपी नड्डा के द्वारा दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल को फेल बताए जाने पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने उन्हें चैलेंज किया है कि वे किसी भी भाजपा शासित राज्य के स्कूलों से दिल्ली के स्कूलों की तुलना कर लें। उन्हें समझ आ जाएगा कि बेहतर शिक्षा किसे कहते हैं। यह राजनीतिक हमला ऐसे समय में किया जा रहा है जब दोनों दल विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव नए वर्ष की शुरुआत में हो सकते हैं।

मनीष सिसोदिया ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि जेपी नड्डा को अरविंद केजरीवाल सरकार के शिक्षा मॉडल पर हंसी आ रही है। लेकिन अगर वे बीजेपी शासित राज्यों के शिक्षा मॉडल को देखेंगे तो उन्हें रोना आ जायेगा क्योंकि उन राज्यों में शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है।
विज्ञापन


अपने शिक्षा मॉडल को सबसे बेहतर बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि वे भाजपा नेताओं जेपी नड्डा और विजय गोयल को चैलेंज देते हैं कि वे किसी भी भाजपा शासित राज्य के सबसे बेहतरीन 10 स्कूल को चुन लें। दिल्ली सरकार अपने सबसे बेहतर दस स्कूलों को चुन लेती है। इसके बाद दोनों दलों के नेता एक दूसरे के स्कूलों का मुआयना करते हैं। उसके बाद बहस करते हैं कि किस राज्य की शिक्षा की स्थिति बेहतर है और किसके राज्य की शिक्षा की स्थिति रोने के काबिल है।

 लगातार हमलावर है भाजपा

भारतीय जनता पार्टी 21 साल से दिल्ली की सत्ता से बाहर है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के सहारे इस बार वह दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने का ख्वाब देख रही है। यही कारण है कि उसके नेता अरविंद केजरीवाल सरकार पर लगातार हमलावर हैं जो अपने शिक्षा और स्वास्थ्य पर किए गए कामों के जरिए सत्ता में वापसी की बात सोच रही है।

बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सरकार सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को गलत तरीके से आप को वोट देने के लिए प्रेरित कर रही है। उनके मुताबिक इसके लिए बच्चों से उनके अभिभावकों के वोटर कार्ड भी मांगे गए थे जो बेहद गलत काम है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें