जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के नियमों के विरुद्ध यौन उत्पीडन पर गठित कमेटी जीएस कैश कमेटी का चुनाव आयोजित किया गया। जीएस कैश कमेटी के चुनाव में 29.93 फीसदी मतदान आयोजित हुआ है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से यूजीसी रैगुलेशन 2015 केतहत यौन उत्पीडन के लिए गठित इंटरनल कंप्लेंट कमेटी का चुनाव 29 सितंबर को आयोजित होगा।
जेएनयू कैंपस में वामपंथी छात्रों ने जेएनयू प्रबंधन की एग्जीक्यूटिव काउंसिल के फैसले के तहत इंटरनल कंप्लेंट कमेटी को न मानते हुए पहले से चली आ रही जीएस कैश कमेटी का चुनाव आयोजित करवाया। मतदान सुबह नौ बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चला।
इस मतदान में 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के बाद मतगणना शुरू हो गयी है और बृहस्पतिवार को नतीजे घोषित होंगे। मतदान में कुल 7904 मतदाता थे, जिसमें से सिर्फ 2366 मतदाताओं ने ही वोट दिया है।
बता दें कि एग्जीक्यूटिव काउंसिल की 269वीं बैठक 18 सितंबर को काउंसिल के चेयरपर्सन व कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार कीअध्यक्षता में हुई थी। इसी के तहत जीएस कैश कमेटी का चुनाव कानूनी मान्य नहीं रहा। क्योंकि इंटरनल कंप्लेंट कमेटी यूजीसी रैगुलेशन 2015 के तहत गठित की गयी है।
अब यह कमेटी ही यौन उत्पीडन मामलों की जांच के साथ कमेटी के गठन के लिए चुनाव आयोजित करवाएगी। ऐसे में वामपंथी छात्रों द्वारा आयोजित चुनाव कानूनी मान्य नहीं है और कानून के तहत प्रत्याशियों से लेकर छात्र संगठनों पर कार्रवाई की जा सकेगी।
नए नियमों के तहत अब 24 नहीं, बल्कि सिर्फ नौ सदस्य शामिल होंगे। इसमें से तीन छात्र, दो प्रोफेसर, दो नॉन टीचिंग स्टॉफ, एक महिला प्रोफेसर तो एक चेयरपर्सन होगा। इसके अलावा इस कमेटी में विश्वविद्यालय के बाहर से किसी भी एनजीओ या समाजसेवी या बुद्धिजीवी को शामिल करने का प्रावधान होगा।