संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची सत्यापन कार्य में गुरुग्राम जिला पूरे प्रदेश में सबसे पीछे चल रहा है। 14 जुलाई तक की स्थिति के अनुसार, गुरुग्राम में मतदाताओं के फॉर्म जमा करने और उनके सत्यापन की रफ्तार बेहद धीमी रही है, जहाँ अब तक केवल करीब 66 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। इसके विपरीत, ग्रामीण क्षेत्र होने के बावजूद नूंह (मेवात) जिला शहरी इलाकों की तुलना में काफी बेहतर और सामान्य गति से कार्य कर रहा है।
पिछड़े जिलों को राहत, 10 दिन बढ़ी समय सीमा : गुरुग्राम सहित कई अन्य जिलों में अभी भी 1.5 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के फॉर्म जमा होने बाकी हैं। इस स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने इस विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की अंतिम तिथि को 10 दिन और आगे बढ़ाते हुए अब 24 जुलाई 2026 कर दिया है। अब बूथ लेवल अधिकारी 24 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन का बचा हुआ काम पूरा करेंगे। इसके बाद आगामी 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।
नूंह में बीएलओ और राजनीतिक कार्यकर्ता सक्रिय : शहरी क्षेत्रों की सुस्ती के विपरीत नूंह में ग्रामीण स्तर पर बीएलओ और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता रंग ला रही है। ग्रामीण इलाकों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और फॉर्म भरवाने का काम काफी तेजी से किया जा रहा है, जिससे यहाँ की स्थिति गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों से काफी बेहतर है।
फिरोजपुर झिरका में काम लगभग पूरा: रवि तंवर
इस बीच, 80-फिरोजपुर झिरका के तहसीलदार-कम-सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी रवि तंवर ने बताया कि उनके क्षेत्र में मतदाता सत्यापन का अधिकांश काम लगभग पूरा कर लिया गया है। उन्होंने क्षेत्र के मतदाताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जो भी थोड़ा-बहुत काम बचा हुआ है, उसे नई समय सीमा यानी 24 जुलाई से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।