बिना डॉक्टर न ले दवा
एम्स के मेडिसन विभाग के एडिशन प्रोफेसर डॉक्टर नीरज निश्चल का कहना है कि आमतौर पर किसी विशेष उपचार की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन गंभीर लक्षणों के लिए चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। एंटीबायोटिक दवाओं से परहेज करना चाहिए। जब तक डॉक्टर न कहें एंटीबायोटिक दवाओं को नहीं खाना चाहिए।
हो सकती है ये समस्या
वायरल फीवर एक सामान्य संक्रमण है। यह संक्रमण आमतौर पर बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, थकावट, सिर दर्द, और कभी-कभी दस्त या उल्टी सहित दूसरी समस्याओं के कारण होता है।
हो सकता है इनके कारण
वायरल फीवर कई प्रकार के वायरस के कारण हो सकता है। इसमें इन्फ्लूएंजा वायरस, डेंगू, चिकनगुनिया, हिपेटाइटिस, सर्दी-जुकाम के कारण होने वाले वायरस शामिल हैं।
कर रहा है एक माह तक परेशान
कोरोना महामारी के बाद प्रभावित हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण यह बुखार एक माह तक परेशान कर रहा है। हालांकि ये रोग आमतौर पर कुछ दिनों से लेकर एक सप्ताह तक रहता है।
ऐसे करें बचाव
- भीड़ भाड़ वाले जगह जाने से बचे
- मास्क का करें इस्तेमाल
- करें स्वच्छता उपायों का पालन
- नियमित हाथ साफ करें
- बीमार लोगों से संपर्क में आने से बचे