राजधानी में हो रहे इंडिया-अफ्रीका सम्मिट के चलते बृहस्पतिवार को दिल्ली का ट्रैफिक एक गर्भवती महिला के लिए जान की आफत बन गया और उसे मजबूर होकर ऑटोरिक्शा में बच्चे को जन्म देना पड़ा।
गौरतलब है कि रोशनी नाम की गर्भवती महिला अपनी सास के साथ ऑटो में अस्पताल जा रही थी और उसका पति मोटरसाइकिल से उनके संग-संग चल रहा था। शाम के वक्त भारी जाम होने के कारण वो तीन घंटे ट्रैफिक में ही फंसे रहे।
सलमान ने बताया कि इस दौरान उसे अन्य लोगों से अपील की कि उन्हें रास्ता दिया जाए लेकिन जाम में फंसी भीड़ किसकी सुनती है? सब अपनी जल्दी में होते हैं और इस तरह उसकी किसी ने नहीं सुनी।
यहां तक कि जब उसने ट्रैफिक पुलिस से बात की तो उन्होंने असंवेदनशीलता की हद ही पार कर दी। उन्होंने सलमान को ये कहकर टाल दिया कि उसके लिए रास्ता साफ नहीं किया जाएगा क्योंकि वो वीआईपी नहीं है।
एमसीडी पार्षद ने की थी मदद
सलमान जिसकी बीवी रोशनी ने अपने बच्चे को कल शाम ऑटोरिक्शे में जन्म दिया ने बताया कि 'जब हम खजुरी पहुंचे तो ड्राइवर ने बताया कि जाम की वजह से अस्पताल नहीं पहुंच पाएंगे।'
सलमान आगे बोला कि जब वो लोग जाम में फंसे थे तो वहां से गुजरने वाले एक शख्स ने रोशनी के दर्द को देखते हुए उनकी मदद की पेशकश की थी। वो क्षेत्र के पार्षद के दफ्तर में काम करता है।
सलमान ने बताया कि एमसीडी की पार्षद रेखा रानी ने रोशनी को शास्त्री पार्क के एक प्राइवेट अस्पताल ले गईं। लेकिन जब तक वो रोशनी अस्पताल पहुंची तब तक बच्चा आधा बाहर आ चुका था और डॉक्टरों के पास समय नहीं था कि वो रोशनी को अंदर अस्पताल में ले जाएं।
बच्चा स्वस्थ, जच्चा गंभीर
इसके बाद रोशनी ने ऑटो में ही रात 8 बजकर 45 मिनट पर एक बेटे को जन्म दिया जो कि बिल्कुल स्वस्थ है। इस दौरान रोशनी को घर से निकले पूरे तीन घंटे बीत चुके थे। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा तो स्वस्थ है पर मां जिसे 50 टांके लगे हैं काफी गंभीर है।
ट्रैफिक पुलिस से पूछने पर उन्होंने इस घटना से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई। बता दें कि इस समय दिल्ली में 54 अफ्रीकी देशों का सम्मिट चल रहा है जिसके चलते शहर की मुख्य सड़कों को वीआईपी मूवमेंट के लिए ब्लॉक कर दिया गया है।
सोमवार से ही राजधानी में ट्रैफिक का ये हाल है। पिछले चार दिनों से ही दिल्लीवासियों को मीलों लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बृहस्पतिवार को इंडो-अफ्रिकी सम्मिट खत्म होने के बाद शुक्रवार से इस हालत में सुधार की उम्मीद की जा रही है।