अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 की चयन ट्रायल्स में शामिल होने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिली है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) द्वारा उन्हें ट्रायल्स से बाहर रखे जाने के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत ने जुलाई में सुनवाई का फैसला किया।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने कहा कि ट्रायल्स 30 मई को होने वाले हैं, इसलिए बिना पूरी सुनवाई के उन्हें भाग लेने की अनुमति देना उचित नहीं होगा। अदालत ने टिप्पणी की कि अनावश्यक रूप से उन्हें भाग लेने की अनुमति देकर बाद में यह कहना कि वह अमान्य था, इसका कोई फायदा नहीं है। विनेश फोगाट की ओर से पैरवी करते हुए वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि याचिका के अंतिम फैसले तक विनेश को ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी जाए। उन्होंने दावा किया कि नई चयन नीति अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के विपरीत है, खासकर प्रसव अवकाश (मैटरनिटी लीव) के मामले में।
डब्ल्यूएफआई ने विनेश को अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन और रिटायरमेंट के बाद वापसी की प्रक्रिया पूरी न करने का आरोप लगाते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किया था। फेडरेशन के अनुसार, एशियन गेम्स ट्रायल्स के लिए केवल 2025 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, 2026 फेडरेशन कप और अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप के मेडल विजेताओं को ही योग्य माना जाएगा। विनेश इनमें से किसी में भी नहीं उतरी थीं। अदालत ने विनेश को शो-कॉज नोटिस का जवाब दाखिल करने की अनुमति दी और डब्ल्यूएफआई को 6 जुलाई तक इस पर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी।