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विकास हत्याकांड : हत्या से 10 दिन पहले तक फरीदाबाद में था सचिन

Tue, 02 Jul 2019 03:57 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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विकास चौधरी हत्या के आरोपी रोशनी और नरेश - फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या में शामिल सचिन खेड़ी वारदात से करीब 10 दिन पहले तक फरीदाबाद में था और पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। इसे जिला पुलिस की नाकामी ही कहा जाएगा कि इनामी बदमाश के शहर में होने के बावजूद पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया, जिस कारण वह पकड़ा नहीं जा सका।

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अब पुलिस ने कौशल और उसके पूरे गैंग को सलाखों के पीछे भेजने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस एसआईटी में तीन जिलों की पुलिस शामिल है।
 
विकास चौधरी की हत्या में गुरुग्राम के विकास उर्फ माले के साथ सचिन खेड़ी का नाम सामने आया है। जांच के जुटी पुलिस को पता चला कि है कि विकास चौधरी की हत्या से 10-12 दिन पहले सचिन खेड़ी फरीदाबाद में था।

50 हजार (25 फरीदाबाद और 25 पलवल से) का इनामी बदमाश होने के बावजूद पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। यही वजह रही वह जमानत पर आने के बाद गिरफ्तार नहीं हो सका। इससे उसके हौसले बढ़ते गए और वह मारपीट से बढ़कर हत्या की वारदात करने लगा।
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पलवल में वकील ओमप्रकाश की हत्या में सचिन के शामिल होने के बाद भी पुलिस ने उसे पकड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और अब उसने कौशल गैंग के लिए काम कर रहे विकास उर्फ माले के साथ मिलकर विकास चौधरी की हत्या कर डाली। 

तीन जिलों की पुलिस जुटी जांच में 
हाइप्रोफाइल मर्डर के बाद अब पुलिस इस मामले में कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहती है। कौशल सहित इस वारदात में शामिल उसके गैंग के हर सदस्य को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए गठित एसआईटी में तीन जिलों (फरीदाबाद, पलवल व गुरुग्राम) के अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी में शामिल अधिकारी लंबे समय तक गुरुग्राम में रह चुके हैं और उन्हें कौशल गैंग के बारे में सारी जानकारी है। सरकार की तरफ से भी पुलिस को निर्देश मिले हैं कि कौशल गैंग को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए। 

पुलिस की सूची में 30 वांछित अपराधियों के नाम थे। इनमें से 29 को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। केवल सचिन ही बच रहा था और क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश में जुटी थी। विकास चौधरी हत्याकांड में उसकी संलिप्तता है। पुलिस उसे जल्द गिरफ्तार कर लेगी। - संजय कुमार, पुलिस आयुक्त 

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