कोल ब्लॉक आवंटन मामले में अदालत ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विजय दरडा, उनके बेटे देवेंद्र दरडा और एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनोज जायसवाल को जमानत दे दी है।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष न्यायाधीश मधु जैन ने सीबीआई के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरोपियों पर गंभीर आरोप है और उनको जमानत न दी जाए।
अदालत ने कहा कि मामले की जांच लंबे अरसे से चल रही है और आरोपियों ने जांच में पूरा सहयोग किया है। ऐसे में उनको जेल भेजने का कोई मतलब नहीं।
अदालत ने सभी आरोपियों को दो-दो लाख रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और इतनी ही राशि का एक-एक अन्य जमानती पेश करने का निर्देश दिया।
हाल ही में दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा था कि दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद लगता है कि सभी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य हैं।
सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने के दौरान कंपनी के निदेशक अरविंद जायसवाल और रमेश जायसवाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था, लेकिन आरोप पत्र में उनको आरोपी नहीं बनाया गया। सीबीआई ने सभी के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र और धोखाधड़ी के तहत मुकदमा चलाने का आग्रह किया है।