नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली में 2020 में भड़के दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए अब 11 जून को सुनवाई करने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों के खिलाफ चल रहे इस केस में फैसले की तारीख बढ़ा दी। मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को दफ्तर से घर लौटे थे, लेकिन कुछ देर बाद फिर से बाहर निकल गए। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित की हत्या कर दी गई है और उनका शव चांद बाग पुलिया इलाके की एक मस्जिद के पास स्थित खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। बाद में शव बरामद भी कर लिया गया था।
पिता रविंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके बेटे की हत्या ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने की। आरोप है कि सभी ने हुसैन के दफ्तर में इकट्ठा होकर वारदात को अंजाम दिया और हत्या के बाद शव का निपटारा किया। गौरतलब है कि 24 मार्च, 2023 को दिल्ली की एक अदालत ने ताहिर हुसैन और 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए थे। बता दें कि यह पूरा मामला फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा है। उस हिंसा में पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में कुल 53 लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। अब 11 जून को अदालत इसी मामले में अपना फैसला सुनाएगी।