घर आने से पहले फोन करेगा वेंडर
घर आए वेंडर को दूध, चिप्स के पैकेट, अन्य प्लास्टिक कचरा दिया जा सकता है। वेंडर घर आने से पहले फोन करेगा। सुबह 11 से रात आठ बजे के बीच जब आप घर पर उपलब्ध हों, वह घर आकर कचरा ले जाएगा। स्वयंभू संस्था 75 माइक्रोन तक के प्लास्टिक का पुनर्चक्रण करती है।
यह मिलेंगे उपहार
दो किलो या उससे ज्यादा मात्रा में प्लास्टिक देने पर उपहार के तौर पर फूलदान, टी-शर्ट या और भी दूसरे तरह के उपहार दिए जाएंगे।
इन तीन स्टेप को अपनाना होगा
स्टेप 1 : मोबाइल पर गूगल कैमरे से क्यूआर कोड को स्कैन करना है। एक लिंक सामने आएगा। उस पर क्लिक करना है।
स्टेप 2 : मोबाइल स्क्रीन पर ‘लेट्स अपसाइकल प्लास्टिक’ का पेज खुल जाएगा, वहां एक प्रश्न पूछा जाएगा कि क्या आप सूखे कचरे को अलग रखने में रुचि रखते हैं? नीचे तीन विकल्प आएंगे। हां, नहीं और कचरा अलग रखने का फायदा क्या है? हां, के विकल्प को चुनते ही स्क्रीन पर अगला पेज खुलेगा।
स्टेप 3 : यहां अपना नाम, फोन नंबर और पता लिखते ही यह जानकारी दी जाएगी कि 48 घंटे में आपका प्लास्टिक कचरा प्राप्त कर लिया जाएगा।
यह अच्छा प्रयास है, बाकी डीसी भी अपने जोन में इसका इस्तेमाल करें। लोगों को जागरूक करने के लिए काम करें, क्योंकि प्लास्टिक के पुनर्चक्रण से ही ईको-सिस्टम मजबूत होगा।
-अश्वनी कुमार, विशेष अधिकारी, दिल्ली नगर निगम