दिल्ली एनसीआर सहित आस पास के राज्यों में पिछले दिनों से बीच-बीच में हो रही बेमौसम बरसात के बाद हरी सब्जियों के दामों में एक दम आग सी लग गई हैं। एक तरफ तो बरसात से सब्जियों की आवक कम होने से महंगाई बढ़ी है। दूसरी तरफ शादियों के मौसम ने इनके दामो में इजाफा किया है। असर इतना हुआ कि कई सब्जियों की कीमत तो दो से तीन गुना तक पहुंच चुकी है।
आम जनता तो महंगी सब्जियों को खरीदने से बच रही हैं मगर बेटियों के हाथ पीले करने वाले परिवारों की तो मजबूरी में उन्हें महंगे दामों की सब्जी खरीद रहे हैं। कुछ लोग महंगी सब्जियों की जगह उन सब्जियों से काम चला रहे हैं जिनकी कीमत में ज्यादा उछाल नहीं आया है।
20 जनवरी से रुक रुक कर हो रही बरसात के कारण हरी सब्जियों का उत्पादन काफी हद तक गिर गया है। बरसात से हरी सब्जियों सड़न होने से इन सब्जियों के दाम में बहुत इजाफा हुआ है। गत सप्ताह में हुई बरसात का असर सब्जी की मंडी में देखने को मिला, जिसका असर हरी मिर्च, गोभी, बैगन, पालक, भिंडी, करेला आदि सब्जियों पर पड़ा है।
मंडी में इनकी आवक काफी कम होने से थोक के भाव भी काफी बढ़ गए हैं। मंडी से रेहड़ियों तक पहुंचने में भी सब्जी काफी महंगी हो जाती है। कॉलोनियों में घरों तक पहुंचने वाली रेहड़ियों पर इनके दाम मंडी के थोक भाव से दो से तीन गुना तक हो जाते हैं।