महाराष्ट्र, हिमाचल और अन्य राज्यों में हो रही भारी बरसात की वजह से अधिकांश फसल बर्बाद होने का नतीजा यह है कि सब्जियों के दामों में गिरावट नहीं हो रही है। पिछले एक महीने से अधिक समय तक हरी सब्जियों के भाव 100 रुपये प्रतिकिलो के आसपास ही रह रहे हैं। यहां तक कि प्याज, मटर-टमाटर, अदरक और लहसुन भी आम लोगों की पहुंचे से बाहर हो गए हैं। इससे गृहिणियों की रसोई का बजट भी बिगड़ गया है।
आजादपुर मंडी के प्याज आढ़ती ललित जैन बताते है कि अब तो इसके भाव एक महीने बाद ही कम होने के आसार हैं। नई फसल आने के बाद ही भाव में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि किसानों के पास प्याज का स्टॉक खत्म हो गया है। आंध्रप्रदेश से आने वाला प्याज एक महीना लेट हो गया है। थोक मंडी में पुणे से आने वाले अच्छे क्लसालिटी के प्याज की बात करें तो 43-45 रुपया प्रतिकिलो है और मध्यप्रदेश से आने वाला प्याज 32-42 रुपया प्रतिकिलो है। हालांकि खुदरा बाजार में यही प्याज 70-90 रुपया प्रतिकिलो बिक रहा है।
आलू का व्यापार करने वाले संदीप खंडेलवाल ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में भी आलू की कमी हो गई है। भारी बारिश की वजह से किसानों की भी मुसीबत है। थोक भाव में आलू 32-35 रुपया प्रतिकिलो बिक रहा है वहीं टमाटर 60-70 रुपये। उन्होंने बताया कि फिल्हाल सब्जियों के भाव में गिरावट की कम ही उम्मीद है। एक महीने बाद स्थिति सुधरेगी लेकिन नवरात्र के दौरान फिर से सब्जियों के भाव में तेजी आने की उम्मीद है।
सब्जी रुपया प्रति किलो
मटर 100
शिमला मिर्च 100-120
टिंडा 60
घीया 50-60
भिंडी 60-65
आलू 45-50
प्याज 60-90
टमाटर 60-80
पालक 80-90