कोरोना के चलते 2019 से लेकर 2022 तक के अकादमिक सत्र में शिक्षकों को किसी भी प्रकार का अवकाश नही मिल पाया। शिक्षकों को विशेष रियायत दिए जाने की मांग पर विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि कार्यकारी परिषद में इस संबंध में एक समिति का गठन किया जा चुका है।
प्राध्यापकों के वर्कलोड को लेकर बने हुए संशय का मुद्दा मीटिंग में आने पर वीसी ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर को 14 घंटे एवं असिस्टेंट प्रोफेसर को 16 घंटे क्लास लेनी है, जिसमें कक्षा, टीटोरियल एवं प्रैक्टिकल सम्मिलित होंगे। एनडीटीएफ के सभी सदस्यों ने 65 वर्ष से अधिक के शिक्षकों की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया।