उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने नोएडा के साथ भद्दा मजाक किया है।
यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रख नई बसें मांगी गई थीं, लेकिन कानपुर डिपो की 42 खटारा बसें नोएडा डिपो भेजकर निगम ने पल्ला झाड़ लिया है।
इन बसों के संचालन से ज्यादा बसों के रखरखाव को लेकर डिपो प्रबंधन परेशान है। रोडवेज बसों से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की दिक्कतें कम होने वाली नहीं हैं।
नोएडा डिपो की 50 फीसदी बसें खराब हालत में हैं। इसी साल डिपो की तकरीबन आधी बसें खटारा घोषित हो जाएंगी। इसी के चलते लंबे समय से नई बसों की मांग की जा रही थी, लेकिन निगम ने पुरानी बसों की खेप नोएडा भेजकर जोर का झटका दिया है।
यूपी रोडवेज के नोएडा डिपो का बेड़ा 161 बसों का है। इनमें से तीन बसें लंबे समय पहले ही जलकर ढांचे में तब्दील हो चुकी हैं। शेष 158 बसों में से 79 बसें अपनी समय सीमा और किलोमीटर पूरे करने वाली हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नौ बसें ऐसी हैं जो अगले कुछ दिनों में हटा ली जाएंगी, वहीं 70 बसें साल के अंत तक रिटायर की जाएंगी।