- शाहजहां रोड स्थित यूपीएससी भवन समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा
- परीक्षा हॉल से बाहर निकलने वाले अधिकांश छात्रों के चेहरे पर तनाव और राहत दोनों के भाव दिखाई दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से रविवार को आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में इस बार सामान्य अध्ययन और सी-सैट के सवालों ने अभ्यर्थियों को खूब उलझाया। कई उम्मीदवारों ने पेपर को लंबा, पेचीदा और घुमावदार बताया। परीक्षा के बाद छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। शाहजहां रोड स्थित यूपीएससी भवन समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में सामान्य अध्ययन (जीएस पेपर-1) के कई सवाल ऐसे थे, जिनके दो या तीन विकल्प सही जैसे लग रहे थे। इससे अभ्यर्थियों को सही जवाब चुनने में काफी परेशानी हुई। वहीं, निगेटिव मार्किंग के डर से अधिकांश परीक्षार्थियों ने उन्हीं सवालों के जवाब दिए, जिन पर उन्हें पूरा भरोसा था।
अभ्यर्थियों के अनुसार, इस बार इतिहास को छोड़कर अधिकतर प्रश्नों को मौजूदा समय की घटनाओं और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य से जोड़कर पूछा गया था। ऐसे में करंट अफेयर्स से अपडेट नहीं रहने वाले छात्रों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। कई छात्रों का कहना था कि इस बार करंट अफेयर्स का वजन थोड़ा कम था, जबकि राजनीति विज्ञान, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था जैसे स्टैटिक विषयों से ज्यादा सवाल पूछे गए। दूसरी पाली में आयोजित सी-सैट पेपर भी उम्मीदवारों के लिए आसान नहीं रहा। परीक्षार्थियों ने बताया कि इसमें समझ आधारित और कथन-कारण वाले प्रश्न ज्यादा थे, जिन्हें काफी घुमाकर पूछा गया था।
अधिकांश छात्रों के चेहरे पर तनाव दिखाई दिए
परीक्षा हॉल से बाहर निकलने वाले अधिकांश छात्रों के चेहरे पर तनाव और राहत दोनों के भाव दिखाई दिए। कई छात्रों ने पेपर को पिछले साल की तुलना में मॉडरेट से कठिन स्तर का बताया। अभ्यर्थियों के अनुसार, साइंस और आर्ट एंड कल्चर के कुछ सवाल अपेक्षाकृत आसान थे, लेकिन विकल्प इतने भ्रमित करने वाले थे कि सही उत्तर चुनना चुनौती बन गया। छात्रा ममता ने कहा कि नियमित करंट अफेयर्स पढ़ने वाले छात्रों को पेपर संतुलित लगा, लेकिन केवल रटकर तैयारी करने वालों के लिए यह परीक्षा कठिन साबित हुई। अब अभ्यर्थियों की नजरें संभावित कटऑफ और आगे की चयन प्रक्रिया पर टिकी हैं।
सी-सैट में समझ आधारित सवालों की संख्या ज्यादा थी
राजस्थान से परीक्षा देने आए दिव्यांग अभ्यर्थी नरेश ने बताया कि सी-सैट में समझ आधारित सवालों की संख्या ज्यादा थी और कई प्रश्नों के विकल्प इतने भ्रमित करने वाले थे कि सही जवाब तय करने में समय लग रहा था। हालांकि, उन्होंने प्रश्नों के स्तर को संतुलित बताया। वहीं, अभ्यर्थी प्रीतम ने कहा कि सामान्य ज्ञान का पेपर औसत था, लेकिन सी-सैट कठिन आया। उन्होंने कहा कि रोजाना अखबार पढ़ने और टीवी चैनलों पर समाचार देखने वाले छात्रों को इसका फायदा मिला। वहीं, दो साल से तैयारी कर रहे रंजीत सिंह ने बताया कि उनका सामान्य अध्ययन का पेपर अच्छा गया, लेकिन सी-सैट के कुछ सवालों ने काफी उलझन पैदा की।
अभ्यर्थी की बाइट:
सी-सैट में समझ और कथन आधारित सवाल ज्यादा थे। कई प्रश्नों को घुमाकर पूछा गया था, जिससे सही विकल्प चुनने में समय लग रहा था। -रिशू
सामान्य अध्ययन का पेपर औसत रहा, लेकिन सी-सैट और विज्ञान से जुड़े सवाल कठिन थे। नियमित करंट अफेयर्स पढ़ने वालों को फायदा मिला। -अमृत कौर
सामान्य अध्ययन का पेपर अच्छा हुआ, लेकिन दूसरी पाली के कई सवाल काफी उलझाने वाले थे। समय प्रबंधन करना मुश्किल हो गया। -पूर्वा
जो छात्र रोजाना करंट अफेयर्स पढ़ते हैं, उन्हें पेपर संतुलित लगा। लेकिन केवल रटकर तैयारी करने वालों के लिए यह परीक्षा कठिन रही। -पूनम