पहले सड़क हादसा समझी पुलिस, सीसीटीवी फुटेज ने खोली हत्या की पूरी साजिश
कत्ल के पीछे पुराने विवाद की आशंका, पुलिस एसयूवी सवार आरोपियों की पहचान में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिम विहार इलाके के पीरागढ़ी गांव में रविवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। टेंपो स्टैंड में चौकीदारी करने वाले 60 वर्षीय दिव्यांग पीरागढ़ी गांव निवासी बिजेंद्र की एसयूवी सवार बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले उन पर डंडे से हमला किया और फिर कार से दो बार कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। शुरुआती जांच में पुलिस इसे सड़क हादसा मान रही थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला हत्या में बदल गया। अब पुलिस एसयूवी सवार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
बिजेंद्र अपने बेटे बंटी, बहू और पोते के साथ पीरागढ़ी गांव में रहते थे। उनकी पत्नी का छह साल पहले निधन हो चुका है। गांव के निवासी महावीर प्रसाद ने बताया कि बिजेंद्र पिछले वर्ष लकवा का शिकार हो गए थे, जिससे उनके शरीर का एक हिस्सा काम नहीं करता था। गांव के लोगों ने उन्हें टेंपो स्टैंड में चौकीदारी का काम दे रखा था। वहां गांव के करीब सौ से अधिक टेंपो खड़े होते हैं।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि रविवार सुबह करीब 4.03 बजे पश्चिम विहार पश्चिम थाना क्षेत्र के पीरागढ़ी टेंपो स्टैंड पर सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को बिजेंद्र अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर वाहन के टायरों के निशान मिलने से शुरुआत में मामला दुर्घटना का प्रतीत हुआ। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। इसके बाद क्राइम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया और हत्या की एफआईआर दर्ज की गई। जांच में पता चला कि वारदात बिना नंबर की एसयूवी से अंजाम दी गई।
सीसीटीवी फुटेज बताती है-जान लेना ही उद्देश्य था हमलावरों का
रात 2.50 बजे बिजेंद्र कुर्सी पर बैठे थे...एसयूवी से उतरे युवक ने पहले डंडे से किया हमला
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि घटना शनिवार रात करीब 2:50 बजे की है। उस समय बिजेंद्र टेंपो स्टैंड में कुर्सी पर बैठे थे। तभी एक एसयूवी वहां आकर रुकी। उसमें से एक युवक हाथ में डंडा लेकर उतरा और बिजेंद्र पर हमला कर दिया। बचाव में बिजेंद्र ने डंडा पकड़कर जवाब देने की कोशिश की।
खुद को बचाने की कोशिश करते रहे बिजेंद्र...लगातार पीछा करती रही एसयूवी
डंडे से हमले के दौरान चालक ने एसयूवी उनकी ओर बढ़ाई। बिजेंद्र खुद को बचाने के लिए टेंपो की आड़ में चले गए, लेकिन आरोपी लगातार उनका पीछा करते रहे। कुछ देर बाद डंडा लेकर हमला करने वाला युवक वापस एसयूवी में बैठ गया और चालक ने तेजी से वाहन उनकी ओर दौड़ा दिया। टक्कर लगते ही बिजेंद्र सड़क पर गिर पड़े और आरोपी उन्हें कुचलते हुए निकल गए। इससे भी उनका जी नहीं भरा। हमलावर लौटे और उनके शरीर पर एसयूवी चढ़ाते हुए फर्राटे से निकल गए।
कुत्तों के भौंकने पर फैक्टरी से बाहर निकले लोग तो घटना का पता चला
स्थानीय निवासी महावीर प्रसाद ने बताया कि घटना के समय वहां मौजूद कुत्ते लगातार भौंक रहे थे। उनके शोर से पास की फैक्टरी में काम कर रहे लोग बाहर आए और घायल बिजेंद्र को सड़क पर पड़ा देखा। उन्होंने गांव वालों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों का पहले से कोई विवाद रहा होगा या चोरी के प्रयास में विरोध होने पर उन्होंने बदला लिया होगा। हालांकि हत्या की असली वजह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।