पूर्वी जिला के ईस्ट विनोद नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय के बाहर सोमवार सुबह खूब हंगामा हुआ। सातवीं कक्षा की एक छात्रा की मौत के बाद परिजन व रिश्तेदार स्कूल के बाहर जुट गए। उनका आरोप था कि महज किताब न लाने पर स्कूल की टीचर ने छात्रा को बुरी तरह डांटा और उसे सजा दी। इससे छात्रा बुरी तरह डरकर अवसाद का शिकार हो गई। छात्रा की तबीयत बिगड़ी तो उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।
छात्रा को पहले एलबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी दिमागी हालत को देखते हुए इहबास अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब एक माह 5 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 26 अगस्त की रात को छात्रा ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने अगले दिन छात्रा का अंतिम संस्कार भी कर दिया। करीब चार दिन बाद छात्रा के स्कूल के बाहर पहुंचकर परिजनों ने टीचर के खिलाफ पीसीआर कॉल नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही कल्याणपुरी थाने के अलावा आसपास का कर्मचारी भी वहां पहुंच गया। बाद में समझाकर छात्रा को वहां से भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कराने की बात कर रही है। स्कूल के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं।
सातवीं में पढ़ती थी पीहू
जानकारी के मुताबिक छात्रा पीहू गुप्ता (11) परिवार के साथ 19-ब्लॉक, कल्याणपुरी में रहती थी। इसके परिवार में पिता जीतू गुप्ता, मां रुचि गुप्ता के अलावा एक छोटी बहन नव्या गुप्ता व अन्य सदस्य हैं। पीहू घर के पास ईस्ट विनोद नगर के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा की छात्रा थी। बुला काजल ने बताया कि घटना 22 जुलाई को कक्षा में हुई। कक्षा में मौजूद टीचर ने उससे किताब न लाने का कारण पूछा और उसे डांट दिया। इसके बाद कक्षा के पीछे उसे हाथ खड़े करके खड़ा कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि उसी समय छात्रा की तबीयत खराब हो गई। उसका पेशाब तक निकल गया। तबीयत बिगड़ी को स्कूल प्रशासन ने छात्रा को बजाए अस्पताल ले जाने के उसके परिवार को खबर दी। उस समय घर में पीहू के दादा राजेंद्र गुप्ता व दादी कमलेश ही मौजूद थे। वह पीहू को किसी तरह स्कूल से घर लाए। बाद में उसे एलबीएस ले जाया गया, जहां से उसे इहबास अस्पताल भेज दिया गया। इलाज के दौरान 26 अगस्त को पीहू की मौत हो गई।
करीब दो घंटे चला प्रदर्शन
परिजनों ने स्कूल के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि पीहू को डांटने पर ही उसकी तबीयत बिगड़ी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब 10.30 बजे परिवार ने अपना प्रदर्शन खत्म किया।
छात्रा को थी पहले से मिर्गी की शिकायत
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रा को पहले से मिर्गी की बीमारी थी। 22 जुलाई को उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया। करीब सवा माह बाद छात्रा की मौत हुई। फिलहाल शुरुआती जांच के बाद स्कूल प्रशासन या टीचर की कोई गलती नहीं लग रही। मामले की छानबीन जारी है। सीसीटीवी फुटेज से पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा पीहू की कक्षा की बाकी बच्चियों से बातचीत कर उस दिन क्या-क्या हुआ, इसका भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है एसएसपीई बीमारी
ईस्ट विनोद नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय की कक्षा सातवीं की छात्रा का इहबास में सबएक्यूट स्क्लेरोसिंग पैनेंसफेलाइटिस (एसएसपीई) बीमारी का उपचार चल रहा था। इहबास के निदेशक डॉ. राजेंद्र धमीजा ने बताया कि बच्ची का एसएसपीई बीमारी का उपचार चल रहा था। यह बहुत ज्यादा गंभीर बीमारी है। बता दें कि यह एक अत्यंत दुर्लभ और घातक मस्तिष्क विकार है, जो खसरे के वायरस के कारण होती है। इसमें मरीज को मांसपेशियों में झटके और मिर्गी जैसे दौरे पड़ते हैं। यह बीमारी धीरे-धीरे मरीज को पूरी तरह बिस्तर पर ले आती है। इसके शुरुआती लक्षण व्यवहार में बदलाव, याददाश्त कमजोर होना या अचानक झटके लगना बताए जाते है।
छात्रा की मौत का मामला गंभीर, जांच पूरी होने तक शिक्षक का तबादला : शिक्षा मंत्री
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ईस्ट विनोद नगर स्थित स्कूल में छात्रा की दुखद मृत्यु के मामले में जांच जारी है। यह मामला काफी गंभीर है। निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित शिक्षक का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया गया है। सरकार मामले को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देख रही है। जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, कोई चूक या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो कानून के अनुसार जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।