उत्तराखंड लोक महोत्सव में रविवार को प्रसिद्ध लोक-फ्यूजन बैंड पांडवास की लाइव प्रस्तुति ने दर्शकों को लोकसंगीत, परंपरा और आधुनिकता के खूबसूरत संगम से रूबरू कराया। महोत्सव का मीडिया पार्टनर अमर उजाला है।
पहाड़ों की वादियों से निकली लोकधुनें जब दिल्ली की शाम में घुलीं तो रोहिणी का रामलीला मैदान मानो देवभूमि के रंग में रंग गया। उत्तराखंड लोक महोत्सव में रविवार को प्रसिद्ध लोक-फ्यूजन बैंड पांडवास की लाइव प्रस्तुति ने दर्शकों को लोकसंगीत, परंपरा और आधुनिकता के खूबसूरत संगम से रूबरू कराया। महोत्सव का मीडिया पार्टनर अमर उजाला है।
विज्ञापन
मंच पर सजे वाद्ययंत्रों से निकली पहाड़ी धुनों के साथ पांडवास ने जैसे ही सुर साधे, दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई। पारंपरिक उत्तराखंडी लोकसंगीत में आधुनिक संगीत का रंग घोलती बैंड की प्रस्तुति ने माहौल को जीवंत कर दिया।
तालियों की गड़गड़ाहट, संगीत की थाप और पहाड़ी सुरों पर थिरकते दर्शक पूरी शाम उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव बन गई। पांडवास ने अपनी लोकप्रिय प्रस्तुतियों के जरिये पहाड़ की लोककथाओं, परंपराओं और जीवन के रंगों को मंच पर उतारा। उनकी प्रस्तुति में लोक की मिट्टी की सोंधी महक भी थी और नए दौर की संगीतात्मक ऊर्जा भी।