जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने गोपाल अंसल व अन्य संबद्ध मामलों का उल्लेख किया और उसे नियमित सूची में सूचीबद्ध किया। ट्रायल कोर्ट ने 18 जुलाई को आदेश जारी करते हुए अंसल को दोषी ठहरायाथा। अंसल ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।
उपहार अग्निकांड से जुड़े सबूतों से छेड़छाड़ मामले में रियल एस्टेट कारोबारी गोपाल अंसल की दोष सिद्धि और सजा संबंधी याचिका पर उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार ने 74 वर्षीय गोपाल अंसल की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। इस मामले को 13 दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
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गोपाल अंसल इस मामले में पहले ही जेल की सजा पूरी कर चुके हैं। उनके अलावा 83 वर्षीय सुशील अंसल और उनके पूर्व कर्मचारी पीपी बत्रा ने भी सजा रद्द करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उपहार त्रासदी के पीड़ितों के संघ (एवीयूटी) ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर सबूतों से छेड़छाड़ मामले में दोषियों को दी गई सजा को बढ़ाने की मांग की है।
गोपाल अंसल ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी पुनरीक्षण याचिका में दिए अपना पक्ष रखा है। 8 नवंबर, 2021 को रियल एस्टेट कारोबारी को सात साल की जेल की सजा सुनाई थी। जिला न्यायाधीश ने 19 जुलाई को सजा पर मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को संशोधित करते हुए सुशील अंसल, गोपाल अंसल, अदालत के पूर्व कर्मचारी दिनेश चंद्र शर्मा समेत बत्रा को पहले ही 8 नवंबर, 2021 से पहले जेल की सजा के खिलाफ रिहा करने का आदेश दिया था।