रेत का खेल जिले में जोरों पर चल रहा है। शुक्रवार की घटना में पुलिसकर्मी आपस में रेत के खेल में हिस्सेदारी के लिए भिड़ गए, उससे साफ जाहिर होता है कि यह खेल नोएडा पुलिस की छत्रछाया में जोरों पर चल रहा है।
हालांकि पूरे मामले की जांच एएसपी को सौंप दी गई है। अवैध खनन पर पुलिस-प्रशासन सख्ती दिखाते हैं। मगर हकीकत कुछ और ही है। शुक्रवार रात रेत से भरा डंपर ओखला बैराज पुलिस चौकी की तरफ से महामाया फ्लाईओवर की ओर जा रहा था।
पुलिस चौकी के पास खड़े ट्रैफिक के दो कांस्टेबल ने डंपर को रोेक लिया। दोनों कांस्टेबल ने डंपर सीज करने और आरोपी चालक को गिरफ्तार करवाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करने के बजाय डंपर चालक से सेटिंग कर ली।
पैसे की बंदरबांट के लिए आपस में भिड़े
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने रेत से भरा डंपर किसी अन्य को दो हजार रुपये में बेच दिया और डंपर चालक से भी रुपये वसूले लिए। अपनी जेब भरने के बाद ट्रैफिककर्मियों ने डंपर चालक को छोड़ दिया।
उधर, पीसीआर-6 सवार पुलिसकर्मियों को जब यह बात पता चली कि तो वे अपना हिस्सा लेने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गए। पीसीआर कर्मियों ने ट्रैफिककर्मियों से एक हजार रुपये हिस्सेदारी मांगी लेकिन ट्रैफिक पुलिस वालों उन्हें 500 रुपये देने की बात कही।
इसी बात को लेकर पीसीआर और ट्रैफिक कर्मी आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना की जानकारी सेक्टर-39 थाने पहुंची।
एसपी को सौंपी जांच
वहां से मामले की सूचना एसपी सिटी दिनेश यादव और एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह के पास पहुंची। इसके बाद पूरी घटना की जांच एएसपी को सौंप दी गई है।
मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। आरोपी ट्रैफिक और पीसीआर कर्मियों के बीच ओखला बैराज पुलिस चौकी के पास मारपीट की घटना हुई है। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विजय ढुल, एएसपी
एसएसपी से पूरी घटना की जांच रिपोर्ट मांगी जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - एनपी सिंह, जिलाधिकारी