दरअसल किसी भी आरोपी से पुलिस सामान्य तौर पर दिन में ही पूछताछ करती है और दिन में ही बुलाया जाता है। एल्विस यादव के मामले में उदारता दिखाई गई और उसे अपने मन मुताबिक समय पर थाने आने दिया गया। जानकारी के मुताबिक इंग्लिश के आधी रात आने को लेकर पुलिस को पहले से जानकारी थी और पुलिस ने इसकी पुख्ता तैयारी कर ली थी। कोतवाली सेक्टर 20 पहुंचने के एल्विस की जानकारी पुलिस के कुछ उच्च अधिकारियों के साथ गिने-चुने पुलिस कर्मियों को ही थी।
थाने में तैनात पुलिसकर्मियों पर नजर रखी जा रही थी कि पूछताछ की सूचना किसी भी तरह से लीक न हो जाए। अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर नोएडा पुलिस ने एलविश यादव से पूछताछ के दौरान सामान्य आरोपियों की तुलना में उसे रियायत क्यों दी गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस को पहले इसकी कोई जानकारी नहीं की थी एलविश यादव आने वाला है। वह अचानक रात में कोतवाली सेक्टर 20 आकर अपना परिचय देता है और पूछताछ में शामिल होने के लिए कहता है। इसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर उससे पूछताछ करते हैं।