उन्होंने कहा उनका मुवक्किल ग्रुप का एडमिन नहीं है वह सिर्फ ग्रुप का सदस्य है, एडमिन तो कोई और हैं। यदि ग्रुप में किसी और ने कुछ कहा है तो इसे मेरे खिलाफ मामले का आधार नहीं बनाया जा सकता। वकील ने कहा कि केवल व्हाट्सएप ग्रुप की सदस्यता को खालिद के खिलाफ साजिश या अवैधता की घटना के रूप में रखा गया है।
अदालत ने उनका पक्ष सुनने के बाद सरकार पक्ष को अपनी दलीले पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई एक अगस्त तय कर दी। उच्च न्यायालय ने इससे पहले खालिद से 21 फरवरी, 2020 को अमरावती में अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में पूछताछ की थी। खालिद को 13 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में है। खालिद, शरजील इमाम, और कई अन्य लोगों पर आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत कथित तौर पर फरवरी 2020 के दंगों के मास्टरमाइंड होने के लिए मामला दर्ज किया गया है।