जेएनयू विवाद में मुख्य आरोपी और 9 फरवरी को अफजल गुरु का शहादत दिवस मनाने वाले उमर खालिद प्रतिबंधित पार्टी सिमी के नेता का बेटा है। यहां यह जानना जरूरी है कि उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इल्यास ने सिमी तीन दशक पहले ही छोड़ दिया था जब सिमी प्रतिबंधित भी नहीं था।
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मालूम हो कि दिल्ली पुलिस देश के कई कोनों में उमर खालिद की तलाश कर रही है। इस पर उनके पिता का कहना है कि कहीं उनके बेटे पर देशद्रोह का तमगा इसलिए तो नहीं लगा है क्योंकि वो सिमी में रह चुके हैं।
उमर के पिता का कहना है कि वो सिमी 1985 में ही छोड़ चुके हैं और तब तो उनका बेटा उमर पैदा भी नहीं हुआ था। सैयद ये भी कहते हैं कि तब तो ना ही सिमी पर और ना ही सिमी के किसी सदस्य पर कोई केस था। सिमी को 2001 में बैन किया गया था।
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'मुस्लिम नाम के कारण खालिद को फंसाया जा रहा'
उमर के पिता सैयद अब वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अबुल फजल एंक्लेव से ऑपरेट करती है। सैयद कहते हैं कि अगर आप मेरे वामपंथी बेटे को इसलिए देशद्रोही कह रहे हैं क्योंकि मैं सिमी का सदस्य रह चुका हूं, यह बेहद दुखद है।
इसके साथ ही बिना किसी केस के उमर को मीडिया द्वारा दोषी ठहराए जाने पर भी उनके पिता काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया स्टूडियो में उसे मुस्लिम नाम होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर नाराजगी जताई। वो बोले कि यहां तक कि देश के गृहमंत्री ने भी उमर की मुस्लिम ब्रांडिंग कर दी और ये सब उसके नाम की वजह से हुआ।
उमर के पिता ने बताया कि उमर कई बार इस्लाम की परंपराओं को मानने इंकार कर चुका है और इसके लिए परिवार के खिलाफ भी गया है। वो किताबी बातों से नहीं चलता है। उमर के पिता बोले कि वो हर बात को तर्क की तराजू पर परखकर ही मानता है और इसलिए उनके साथ उमर के मतभेद भी हैं।
अपने परिवार में एक वो ही है जो इबादत, रोजे और महिलाओं के सर ढकने की प्रथाओं पर विश्वास नहीं करता और इसलिए मैं उससे नाराज रहता हूं, लेकिन वो जवान खून है।
'खालिद पक्का कम्यूनिस्ट है'
उमर के पारिवारिक दोस्त उसे 'पक्का कम्यूनिस्ट', 'लेफ्टिस्ट' और 'नास्तिक' कहते हैं कि जिसका हर सोशल मीडिया पोस्ट 'कॉमरेड' शब्द से शुरू होता है। हाल ही में उसकी एक बहन ने सोशल मीडिया पर उससे कहा था कि वो कैल्शियम टैबलेट ले ले क्योंकि उसका दांत टूट गया था। तब उमर ने उसे डांटा था और कहा था कि देश में कितने लोगों के पास खाने को नहीं है और मैं कैल्शियम टैबलेट लूं।
जब उमर के पिता से पूछा गया कि आपको क्यों लगता है कि आपके बेटे की मुस्मिल होने की वजह से ब्रांडिंग की जा रही है तो उन्होंने कहा कि अगर आप 9 फरवरी के कार्यक्रम के पोस्टर देखें तो पाएंगे कि उमर का नाम सातवें नंबर पर था। लेकिन फिर भी मीडिया उसे मुख्य आरोपी के साथ ही देश के लिए बड़ा खतरा करार दे रही है।
उन्होंने कहा कि मेरे परिवार को डर है कि मैं इंटरव्यू दे रहा हूं तो उमर के बाद मेरा नाम भी देशद्रोहियों की लिस्ट में शुमार हो जाएगा। लेकिन हमें बोलना ही पड़ेगा।
उमर का परिवार दिल्ली के भीड़ भरे इलाके जामिया नगर में रहता है। उमर की पढ़ाई दक्षिण दिल्ली के बैनयान ट्री स्कूल में हुई है। 2009 में उसने किरोड़ीमल कॉलेज से इतिहास में बीए की डिग्री ली और फिर जेएनयू से उसने एमए, एमफिल किया। अब वो झारखंड में जनजातिय लोगों की दशा पर पीएचडी कर रहा है।
खालिद का परिवार बहुत पढ़ा लिखा है!
उमर के पिता का कहना है कि उमर को येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की तरफ से प्रस्ताव आया था कि वो आकर वहां एक सेमेस्टर पढ़े क्योंकि उन्हें उमर का शोध बहुत पसंद आया था। उसकी बहन ने उसे वहां जाने को भी कहा था लेकिन उमर ने इंकार कर दिया।
उमर के पिता बताते हैं कि घर में सबका पासपोर्ट है लेकिन उसने कभी नहीं बनवाया और आज पुलिस व मीडिया कह रही है कि उमर पाकिस्तान गया था और उसके जैश और हाफिज सईद से लिंक हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार काफी पढ़ा लिखा है।
सईद ने केमिस्ट्रि से पीएचडी की है। उमर की एक बहन मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर है और एक अन्य बहन स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ती है। जो सबसे छोटी बहन है वो 11 साल की है। उमर के पिता कहते हैं कि उमर के साथ हर तरह की गलत चीजें जोड़ी गईं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई उनके बेटे को सच में जानता है तो उसे कभी इन आरोपों पर विश्वास नहीं होगा। उसका अधिकतर समय रोहित वेमुला, यूजीसी, या जनजातीय व दलितों के लिए बीतता है।
उमर के पिता का कहना है कि मीडिया और पुलिस में उसका नाम उछाले जाने से अब उसके भाई-बहनों को भी सोशल मीडिया पर भद्दे और कड़वे मैसेज आ रहे हैं।
'मैं नहीं कहता मेरे बेटे ने कुछ नहीं किया लेकिन...'
उमर के पिता ने अपने बेटे पर लगने वाले आरोपों के बारे में ये कहा कि वो ये नहीं कहते कि उनके बेटे ने कुछ गलत नहीं किया। वो कहते हैं कि मैं कौन होता हूं ऐसा कहने वाला।
वो तो बस इतना ही कहना चाहते हैं कि जांच हो और अदालत इस बात का फैसला करे कि क्या सही है और क्या गलत। वो कहते हैं कि टीवी स्टूडियो में न्याय नहीं होना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि उनका बेटा अपने को पुलिस के सामने पेश क्यों नहीं करता तो बोले कि मैं एक पिता के तौर पर काफी परेशान हूं और मेरा पूरा परिवार उसके लिए परेशान है। वो चाहते हैं कि उमर अपने आप को कानून के सामने पेश करे।