फरीदाबाद में भ्रूण हत्या रोकने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। विभाग के अनुसार, अब अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को रेडियोलॉजिस्ट का एंट्रेंस टेस्ट पास करना होगा, जिसके बाद ही कोई संचालक शहर में अल्ट्रासाउंड केंद्र चला सकेगा।
पीएनडीटी (पोस्ट नेटल डीटेक्शन टेकनिक) एक्ट के तहत रेडियोलॉजिस्ट को मान्यता दी जाएगी, जो प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी में रेडियोलॉजिस्ट का एंट्रेंस टेस्ट पास करेंगे। अभी तक गैर-सरकारी कॉलेजों से पास होने वाले डॉक्टरों को भी मान्यता दी जाती रही है।
लेकिन कई बार यह बात सामने आती है कि निजी यूनिवर्सिटी या कॉलेज बंद हो जाते हैं। लेकिन उनके डॉक्टर प्रेक्टिस करते हैं। अगर ऐसे डॉक्टर पीएनडीटी नियम का उल्लंघन करते हैं तो इन पर कार्रवाई करने में परेशानी होती है।
सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि नोटिफिकेशन मुख्यालय द्वारा जारी हुआ है। शहर में ऐसे कई रेडियोलाजिस्ट हैं, जिन्हें दिसंबर 2016 तक टेस्ट पास करने का समय दिया जाएगा।