दिल्ली में पाबंदी के बाद भी ऐप बेस्ड उबर और ओला अपनी कैब चला रही हैं। बृहस्पतिवार को दिल्ली टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट्स एसोसिएशन ने परिवहन मंत्री से मिलकर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने मांग की कि इनके खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम उठाए जाएं। ये कंपनियां बिना किसी नियम के चल रही हैं और यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूल रही हैं। मंत्री ने इस मामले में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि इन कंपनियों के पास कोई लाइसेंस नहीं है। इनकी खुद की कोई गाड़ी नहीं है फिर भी 20 हजार टैक्सियां इनसे अटैच हैं।
यही नहीं उनका आरोप है कि वह चालकों का वेरिफिकेशन नहीं करा रहे। उनके साथ जो चालक जुड़े हैं उनसे 16-20 घंटे तक का काम लिया जा रहा है। किराये को लेकर भी कोई नीति नहीं है। परिवहन विभाग की बार-बार चेतावनी के बाद यह ऐप बेस्ड कैब कंपनियां बिना डरे दिल्ली की सड़कों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि परिवहन विभाग इन कंपनियों पर लगातार मेहरबानी कर रहा है। पहले उनके लिए 500 के टैक्सी कैप को कम करके कम से कम 200 टैक्सी कर दिया गया। इसके बाद यह अनिवार्यता भी खत्म कर दी की कंपनी के पास 200 टैक्सी खुद की न हों तो भी चलेगा।