दिल्ली सरकार ने पेट्रोल पंप वालों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। नाप-तोल विभाग की छह टीमों ने अलग-अलग जिले के छह पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की।
इस दौरान टीम ने दो पेट्रोल पंप पर पाया कि उपभोक्ताओं से पूरी राशि लेकर कम पेट्रोल दिया जा रहा है। इन दो पेट्रोल पंप का तुरंत चालान किया गया, बाकी सैंपल जांच के लिए ले गए हैं। विभाग अधिकारियों के मुताबिक कानून में जुर्माने के अलावा जेल भेजे जाने का भी प्रावधान है।
दिल्ली सरकार के अनुसार पेट्रोल पंप पर नाप में कमी और पेट्रोल में मिलावट की शिकायतों को देखते हुए छापेमारी टीम भेजी गईं थी। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सहायक आयुक्तों की अगुवाई में सभी टीमें भेजी गईं थी।
मजनूं का टीला, घेवरा, विकासपुरी, जसौला, ढांसा बार्डर व मयूर विहार में टीमों ने जांच की। दिल्ली सरकार के अधिकारी के मुताबिक सैंपल के पड़ताल के बाद जो परिणाम आएंगे, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी।