तिलक नगर इलाके में बृहस्पतिवार रात एक ही गोली लगने से दो युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इलाके में वर्चस्व को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो रही थी। इसी दौरान एक युवक ने फोन कर अपने दोस्तों को मौके पर बुला लिया।
दोस्तों की चलाई एक गोली एक युवक को भेदती हुई दूसरे को लग गई। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक युवक को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी युवकों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार रात साढे ग्यारह बजे पुलिस को सूचना मिली कि डीएसआईडीसी कॉलोनी के पास दो युवकों को गोली मार दी गई है।
दीपक ने मनोज को पकड़ लिया और सहयोगी को गोली चलाने के लिए कहा
मौके पर पहुंची पुलिस ने जख्मी युवकों को डीडीयू अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 80 गज हरिजन कॉलोनी निवासी दीपक(24) को मृत घोषित कर दिया, जबकि हरिजन कॉलोनी निवासी मनोज उर्फ मोंटू (25) की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि मनोज 15 दिन पहले ही डकैती के मामले में जेल से बाहर आया था। दीपक व मनोज दोस्त थे। बृहस्पतिवार रात दोनों के बीच इलाके में वर्चस्व को लेकर कहासुनी हो गई।
दीपक ने फोन कर अपने कुछ सहयोगियों को मौके पर बुला लिया। इस दौरान दोनों के बीच गुत्थम गुत्था हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दीपक ने मनोज को पीछे से पकड़ लिया और अपने सहयोगियों को उस पर गोली चलाने के लिए कहा।
सहयोगी ने नजदीक से सीने पर गोली मार दी
उसके एक सहयोगी ने मनोज को नजदीक से सीने पर गोली मार दी जो मनोज की शरीर को आर-पार करते हुए दीपक को भी जा लगी। मनोज के भाई दीपक ने मनोज और दीपक को दोस्त बताया।
उनके मुताबिक बदमाश मनोज को मारने के लिए आए थे, जबकि दीपक उसे बचा रहा था। इसी दौरान उसकी भी गोली लगने से मौत हो गई। दीपक के मुताबिक मनोज और दीपक कोरियर का काम करते थे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक की जांच में पता चला है कि मनोज के जेल जाने के बाद दीपक आपराधिक वारदात को अंजाम दे रहा था। जेल से निकलने के बाद मनोज गैंग पर अपना वर्चस्व चाहता था, लेकिन यह दीपक को मंजूर नहीं था। इसलिए उसने अपने सहयोगियों को बुलाकर मनोज को रास्ते से हटाने की कोशिश की।