घरेलू आईजीआई एयरपोर्ट पर एक निजी कंपनी से उसकी दो महिला कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की और 25 लाख से ज्यादा रकम हजम कर ली। एचआर में तैनात इन दोनों महिलाओं ने दर्जनों कर्मचारियों की कागजों पर नियुक्ति दिखाई और उनके नाम पर वेतन लेती रहीं। यह गड़बड़ी एक साल तक चली। दोनों युवतियों की गलती से उनका भांडा फूट गया। कंपनी के अफसरों ने दोनों युवतियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। एयरपोर्ट थाना पुलिस को शुरुआती जांच से पता चला है कि दोनों लड़कियों ने 25 लाख रुपये से अधिक का घपला किया है।
पुलिस के मुताबिक, एयरपोर्ट पर उनके ड्यूटी फ्री सामान बेचने के स्टोर के एचआर विभाग में कामिनी रावत और दीपिका तैनात थीं। कामिनी का काम नवनियुक्त कर्मचारियों की हाजिरी और वेतन देखा था। दीपिका सहकर्मी थी। दोनों ने सांठगांठ कर कंपनी की लिस्ट में कुछ फर्जी नाम डाल दिए। उन्होंने पीएफ, ईएसआई समेत अन्य सुविधाओं के पैसे भी बोगस कर्मचारियों के खाते में ट्रांसफर किए।
इन दोनों ने कुछ कर्मचारियों को फुसलाकर उनका वेतन बढ़वा दिया और उनसे कमीशन बांध लिया। एक साल तो घपला चलता रहा, इसके बाद कामिनी ने एक मेल अन्य कर्मचारियों को भेजी। इसमें फर्जी कर्मचारियों की लिस्ट भी चली गई। इससे उनका भांडा फूट गया। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना मिली तो जांच कराई गई। फर्जीवाड़ा मिलने पर मामला दर्ज किया गया। एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया पूरे मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।