युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी अनवर को दस साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं, युवती को अगवा करने और उसे देह व्यापार में धकेलने के आरोप में दो महिलाओं को सात-सात साल की सजा सुनाई गई।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमसी गुप्ता ने अनवर व उसके दो साथियों को गैंगरेप, बंधक बनाने, जहरीला पदार्थ देकर चोट पहुंचाने और देह व्यापार के लिए बेचने का दोषी ठहराया। पुलिस अनवर के दोनों साथियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
अदालत ने आरोपी सुषमा को आपराधिक साजिश, बंधक बनाने और जहरीला पदार्थ देकर चोट पहुंचाने का दोषी ठहराया। तीसरी आरोपी मुंबई निवासी मर्सी सेरोआ को आपराधिक साजिश, जहरीला पदार्थ देकर चोट पहुंचाने व बंधक बनाने व पीड़िता को देह व्यापार में धकेलने का दोषी करार दिया।
अदालत ने कहा कि यह साबित कर दिया गया है कि अनवर, सुषमा व मर्सी ने अगस्त 2007 में पीड़िता को नशीला पदार्थ देकर उसके घर के नजदीक से अगवा कर लिया था। फिर उसको यूपी के शाहजहांपुर में अनवर के संबंधी के घर ले गए थे। यहां पर अनवर, उसके संबंधी व एक अन्य आरोपी ने पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म किया था।