शनिवार तड़के ओल्ड रेलवे स्टेशन के पास टावर वैगन (ओवर हेड तारों को ठीक करने के काम आने वाली ट्रेन) और मालगाड़ी के बीच टक्कर हो गई। इसके कारण थर्ड लाइन पूरी तरह से बाधित हो गई।
सूचना मिलते ही रेलपथ, सिग्नल, ऑपरेटिंग, आरपीएफ और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में दुर्घटना राहत टीम बुलाकर मौके से मालगाड़ी और टावर बैगन को हटा दिया।
रेलवे अधिकारी अपनी लापरवाही छुपाने के लिए पूरी घटना के कारणों को दबाने में लगे रहे। करीब साढ़े चार घंटे बाद ट्रैक को सामान्य किया जा सका।
शनिवार की सुबह करीब 4:30 बजे एक मालगाड़ी ओल्ड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी थी। उसे आगरा की ओर जाना था। सिग्नल मिलते ही ट्रेन धीरे-धीरे लूप लाइन से आगे बढ़ने लगी।
इसी बीच, पहले से ही थर्ड लाइन पर खड़ी टावर वैगन भी आगरा की ओर चलने लगी। दोनों गाड़ियों के ड्राइवर यह नहीं समझ पाए कि सिग्नल किसे मिला है। प्लेटफार्म छोड़ते ही दोनों में टक्कर हो गई और टावर वैगन पटरी से उतर गई।
इसकी सूचना मिलते ही रेल अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सवेरे ही रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में दुर्घटना राहत टीम बुलाकर दोनों दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को हटाया गया।
बताया जाता है कि ट्रेनों की गति धीमी होने के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के वक्त टावर वैगन में करीब 14-15 रेलकर्मी सवार थे। किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
दुर्घटना के चलते लूप लाइन और डाउन थर्ड लाइन पर गाड़ियों का परिचालन करीब चार घंटे तक बाधित रहा। सुबह 8:30 ट्रेनों का परिचालन शुरू हो पाया।