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चले थे पुलिस को फंसाने, खुद ही फंस गए, सीसीटीवी से सामने आया हवालात का सच

Thu, 18 Jul 2019 08:46 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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कोर्ट में पेशी से पहले हवालात में खुद को जख्मी कर पुलिसकर्मियों को फंसाने की कोशिश करने वाले दो विचाराधीन कैदियों की जमानत अदालत ने रद्द करते हुए वापस जेल भेज दिया है। पुलिसवालों ने कैदियों की बात नहीं मानी थी, जिससे कारण वे उन्हें फंसाना चाहते थे। 
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इनकी करतूत का खुलासा हवालात में लगे सीसीटीवी फुटेज से हुआ। द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनू अग्निहोत्री ने जमानत रद्द करते हुए कहा कि दोनों कैदियों विकास व विकास पुरी का आचरण बेहद आपत्तिजनक है। 

इन कैदियों को जमानत मिलने के बाद पुलिस ने एक अन्य मामले में इन्हें गिरफ्तार कर लिया था और दोनों न्यायिक हिरासत में थे। पेश मामले में पुलिस उन्हें हथकड़ी पहनाकर अदालत में पेशी के लिए ला रही थी। 
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कैदियों ने पुलिस वालों से किसी खास ढंग से हथकड़ी लगाने को कहा था। पुलिसवालों ने उसे नियम के विरुद्घ बताते हुए कैदी के बताए अनुसार हथकड़ी लगाने से मना कर दिया था। 
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कैदियों ने इससे नाराज होकर खुद का बनियान फाड़ लिया और अपने आप को जख्मी कर लिया था, ताकि पुलिसकर्मियों को फंसाया जा सके। अदालत में पेश होने पर उन्होंने पुलिसवालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। अदालत ने हवालात प्रभारी को तलब कर लिया। 

प्रभारी ने अदालत के समक्ष सीसीटीवी की वीडियो फुटेज पेश कर कैदियों की करतूत का खुलासा करते हुए कहा कि आरोपी ही पुलिस वालों के साथ गलत व्यवहार कर रहे थे। 

वीडियो देखने के बाद पता चला कि विकास पुरी ने अपनी बनियान खुद फाड़ ली और दोनों पुलिसवालों को फंसाने के लिए खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। अदालत ने आरोपियों को गाली देने के आरोप की पुलिस उपायुक्त से जांच करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

 
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