कोर्ट में पेशी से पहले हवालात में खुद को जख्मी कर पुलिसकर्मियों को फंसाने की कोशिश करने वाले दो विचाराधीन कैदियों की जमानत अदालत ने रद्द करते हुए वापस जेल भेज दिया है। पुलिसवालों ने कैदियों की बात नहीं मानी थी, जिससे कारण वे उन्हें फंसाना चाहते थे।
इनकी करतूत का खुलासा हवालात में लगे सीसीटीवी फुटेज से हुआ। द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनू अग्निहोत्री ने जमानत रद्द करते हुए कहा कि दोनों कैदियों विकास व विकास पुरी का आचरण बेहद आपत्तिजनक है।
इन कैदियों को जमानत मिलने के बाद पुलिस ने एक अन्य मामले में इन्हें गिरफ्तार कर लिया था और दोनों न्यायिक हिरासत में थे। पेश मामले में पुलिस उन्हें हथकड़ी पहनाकर अदालत में पेशी के लिए ला रही थी।
कैदियों ने पुलिस वालों से किसी खास ढंग से हथकड़ी लगाने को कहा था। पुलिसवालों ने उसे नियम के विरुद्घ बताते हुए कैदी के बताए अनुसार हथकड़ी लगाने से मना कर दिया था।