रणजीत नगर में एक बाइक सवार से कागजात मांगना दो सिपाहियों को काफी भारी पड़ गया। बाइक चालक ने छह सहयोगियों के साथ सिपाहियों को पुलिस पिकेट में बंधक बना लिया और उनकी इतनी पिटाई की कि दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
इतना ही नहीं दोनों पुलिसकर्मियों को आरोपियों के कब्जे से छुड़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। रणजीत नगर थाना पुलिस ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, गंभीर चोट पहुंचाने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक रणजीत नगर थाने में तैनात जमालुद्दीन अपने सहयोगी सिपाही धरमराज के साथ 26 अप्रैल की रात शिव चौक पर वाहनों की तलाशी ले रहा था।
धरमराज ने ब्लॉक सात की ओर से आ रहे एक बाइक पर सवार दो युवकों को रोका। दोनों ने हेल्मेट नहीं पहन रखा था। पुलिसकर्मियों ने उनसे कागजात दिखाने के लिए कहा।
बचाने आए पुलिसवाले को भी बनाया शिकार
यह सुनते ही बाइक चला रहा शिव चौक निवासी अजय राणा (22) और साथी स्ट्रीट नंबर 18 निवासी अजय भोजगी (25) ने पुलिसकर्मियों को गाली देना शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों के विरोध करने पर आरोपियों ने जमालुद्दीन को लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया। सिपाही करमचंद वहां पहुंचकर बीच बचाव करने लगा।
शोरगुल सुनकर अजय राणा के परिचित पंकज, अमन राणा, नरेश कुमारी, नीटू और अयूब खान वहां पहुंच गए। परिचितों को देखकर अजय ने उनसे पुलिसकर्मियों की पिटाई करने के लिए कहा।
पीटने के बाद फाड़ दी वर्दी
भीड़ के बीच सभी जमालुद्दीन और करमचंद को खींचकर पुलिस पिकेट में ले गए और वहां बंधक बनाकर उनके सिर पर भारी वस्तु से हमला कर दिया। दोनों पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। आरोपियों ने उनकी वर्दी भी फाड़ दी।
एक सिपाही ने घटना की जानकारी थाने में दी और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। वहां पहुुंची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और आरोपियों के कब्जे से पुलिसकर्मियों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
दोनों के सिर में टांके लगे हैं। पुलिस ने मामले पर कार्रवाई करते हुए अजय राणा, अजय भोजगी, पंकज गौर और अमन राणा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।