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Delhi NCR News: साइबर ठगों के मुनाफे के मायाजाल में फंस दो ने गंवाए 51 लाख

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हाई रिटर्न के लालच में मिला झटका
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फॉरेक्स ट्रेडिंग और शेयर बाजार में मोटे रिटर्न का झांसा देकर कारोबारी से 35 लाख और महिला डॉक्टर से 16 लाख की साइबर ठगी

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाज अधिक मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन निवेश के जरिये लोगों को निशाना बना रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दो अलग-अलग मामलों में 51 लाख रुपये की ठगी सामने आई है। साइबर अपराधियों ने एक कारोबारी और एक महिला डॉक्टर को अपना शिकार बनाया। पीड़ितों को सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से फॉरेक्स ट्रेडिंग तथा शेयर बाजार में निवेश का झांसा दिया गया। रकम जमा होने के बाद आरोपियों ने सभी संपर्क बंद कर दिए। साइबर थाना पुलिस ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप चैट की जांच की जा रही है। वेबसाइट, आईपी एड्रेस और डिजिटल लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। जिन खातों में रकम भेजी गई है, उनकी जानकारी संबंधित बैंकों से मांगी गई है। दोनों पीड़ितों ने ठगी का एहसास होने पर एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
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कारोबारी से ठगी का मामला
सेक्टर-40 निवासी एक कारोबारी ने पुलिस को शिकायत दी है। अगस्त 2025 में उन्हें फेसबुक पर एक महिला की ओर से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। बातचीत शुरू होने के बाद महिला ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताया। उसने विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म से कम समय में अधिक लाभ कमाने का दावा किया। विश्वास दिलाने के लिए पीड़ित को एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया। शुरुआत में छोटे निवेश पर अच्छा रिटर्न दिखाकर कारोबारी का भरोसा जीता गया। इसके बाद अलग-अलग चरणों में उनसे करीब 35 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा करा लिए गए। जब कारोबारी ने अपनी जमा राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया, तो वेबसाइट पर निकासी बंद हो गई। आरोपियों ने फोन, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से संपर्क समाप्त कर दिया।

महिला डॉक्टर भी हुईं शिकार
ग्रेटर नोएडा स्थित जलवायु हाइट्स में रहने वाली एक महिला डॉक्टर भी साइबर ठगी का शिकार हुईं। उन्होंने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2025 में उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से एक निवेश ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में कई गुना लाभ कमाने के दावे किए जा रहे थे। लगातार संदेशों और कथित विशेषज्ञों की सलाह से प्रभावित होकर उन्होंने निवेश किया। महिला डॉक्टर ने अलग-अलग चार किस्तों में करीब 16 लाख रुपये निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिन बाद जब उन्होंने निवेश की गई रकम वापस निकालने का प्रयास किया, तो उन्हें टालमटोल किया जाने लगा। बाद में सभी नंबर बंद हो गए और निवेश ग्रुप भी निष्क्रिय हो गया।
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बचाव के महत्वपूर्ण उपाय
सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी प्रस्तावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें। केवल सेबी से पंजीकृत निवेश सलाहकार या अधिकृत संस्थानों के माध्यम से ही निवेश करें। किसी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के कहने पर निजी बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर न करें। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी और वेबसाइट की वैधता की जांच अवश्य करें। ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करके सूचना दें।

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