फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौकरी लगवाने का झांसा देकर करता था ठगी: वर्दी पहनाकर साले को बना दिया रेलवे पुलिस फोर्स का सिपाही, कई लोगों के कागजात मिले

Sat, 30 Apr 2022 10:02 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूछताछ में योगेश ने बताया कि रुपयों के लालच में वह फर्जी भर्ती गैंग चलाता है। वह बेरोजगारों को नौकरी का नियुक्ति पत्र देकर ठगी करता है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक व्यक्ति ने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने लगा। यहां तक कि आरोपी ने अपने साले को भी वर्दी पहनाकर रेलवे पुलिस फोर्स का सिपाही बना दिया और खुद ही उसे ट्रेन में ड्यूटी का टाइम टेबल देने लगा। इसका खुलासा उस समय हुआ जब सब्जी मंडी रेलवे थाना पुलिस ने आरोपी के साले को एक ट्रेन में ड्यूटी करते रंगेहाथ पकड़ा। हालांकि आरोपी ने अपना नियुक्ति पत्र और ड्यूटी चार्ट दिखाकर बचाव करने की कोशिश की। पुलिस छानबीन कर ही रही थी कि मुख्य आरोपी अपने एक सहयोगी के साथ वहां पहुंचकर अपने साले का बचाव करने लगा।  

विज्ञापन


पूरा माजरा समझते ही पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार कर लिया। छानबीन के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी के निशानदेही पर फर्जी नियुक्ति पत्र, वर्दी और अन्य सामान बरामद कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को जानकारी मिली थी कि एक युवक फर्जी रेलवे पुलिस फोर्स का जवान बनकर ट्रेन में गश्त कर रहा है। उसे किशनगंज रेलवे स्टेशन पर गीतांजलि एक्सप्रेस में देखा गया है। पुलिस ने सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही फर्जी जवान को हिरासत में ले लिया। पुलिस कर्मियों से आरोपी से पूछताछ शुरू की। पूछताछ से वह घबरा गया। हालांकि उसने व्हाट्स एप पर नियुक्ति पत्र और ड्यूटी का चार्ट दिखाया। शक होने पर पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया। युवक की पहचान हिसार हरियाणा निवासी भागीरथ के रूप में हुई। 
विज्ञापन


इसी दौरान रोहतक हरियाणा निवासी योगेश और आदर्श वहां पहुंचे। योगेश ने बताया कि वह भागीरथ को जानता है और वह रेलवे पुलिस फोर्स में कार्यरत है। पुलिस को तीनों के फर्जी भर्ती गैंग के सदस्य होने का शक हुआ और पुलिस ने उनकी तलाशी ली। योगेश के पास से पुलिस को कई लोगों के आधार कार्ड मिले। जिससे पुलिस का शक और गहरा गया और पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। 

पूछताछ में योगेश ने बताया कि रुपयों के लालच में वह फर्जी भर्ती गैंग चलाता है। वह बेरोजगारों को नौकरी का नियुक्ति पत्र देकर ठगी करता है। पुलिस को उसके कब्जे से स्टेशन के बारह खड़ी बैगनआर कार मिली। जिसमें से रेलवे पुलिस फोर्स, एनसीसी की वर्दी, कई नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज मिले। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें