-दो संस्थान ने शुरू की पहल, छह महीने के होंगे दो सर्टिफिकेट कोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत आयुष डॉक्टरों के कौशल विकास के लिए छह-छह महीने के दो सर्टिफिकेट कोर्स चलाए जाएंगे। इन कोर्सों की घोषणा दिल्ली में आयोजित दूसरे इंडो-यूके हेल्थकेयर कॉन्क्लेव में की गई।
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। दो संस्थानों ने आयुष मंत्रालय के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण देना, मरीजों की सुरक्षा बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह पहल बीएएमएस और बीएचएमएस डॉक्टरों के लिए है। पहला कोर्स एक्यूट केयर और इमरजेंसी सपोर्ट है। दूसरा कोर्स लाइफस्टाइल हेल्थ और वेल-बीइंग काउंसिलिंग होगा। दोनों कोर्स में पढ़ाई के साथ अस्पतालों में विशेषज्ञों की देखरेख में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इमरजेंसी केयर कोर्स में डॉक्टरों को मरीज की गंभीर स्थिति के शुरुआती संकेत पहचानने का प्रशिक्षण मिलेगा। उन्हें समय पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को रेफर करने और मरीज की जानकारी दर्ज करने का अभ्यास कराया जाएगा। इसके जरिये डॉक्टर मरीजों को बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दे पाएंगे।